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26 जनवरी का यह दिन हमें संविधान निर्माताओं को नमन करने का अवसर देता है : पीएम मोदी

मैं आप सभी की मिलेट्स के लिए सराहना करना चाहता हूं। 2023 को हमने ‘मिलेट वर्ष’ घोषित किया था, लेकिन आज तीन साल बाद भी इसे लेकर देश और दुनिया में जो पैशन है, वो उत्साहित करने वाला है। आज सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में श्रीअन्न के प्रति लगाव लगातार बढ़ रहा है और यह सेहत के साथ-साथ किसानों की आमदनी के लिए भी फायदेमंद साबित हो रहा है…

 

 

नईदिल्ली (ए)। मेरे प्यारे देशवासियों, नमस्कार साल 2026 का यह पहला मन की बात है। कल हम सभी गणतंत्र दिवस का पर्व मनाएंगे। 26 जनवरी का यह दिन हमें संविधान निर्माताओं को नमन करने का अवसर देता है। आज 25 जनवरी का दिन भी अहम है। आज राष्ट्रीय मतदाता दिवस है। मतदाता ही लोकतंत्र की आत्मा होता है। मतदाता बनने को जीवन का एक सामान्य पड़ाव माना जाता है, लेकिन ये अवसर किसी भी नागरिक के जीवन का बड़ा अहम समय होता है। तो हम देश में मतदाता बनने का उत्सव मनाएं। जैसे हम जन्मदिन पर शुभकामनाएं देते हैं, वैसे ही जब कोई युवा मतदाता बने तो पूरा मोहल्ला, गांव या शहर एकजुट होकर उसका अभिनंदन करे। इससे मतदान के प्रति जागरुकता बढ़ेगी। साथ ही ये भावना भी सशक्त होगी की वोटर होना कितना मायने रखता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2026 के पहले ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। यह कार्यक्रम का 130वां एपिसोड था। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने समाज, खेती, सेहत और तकनीक जैसे अहम विषयों पर बात की और लोगों के प्रयासों की खुलकर सराहना की। उन्होंने मिलेट्स यानी श्रीअन्न को लेकर देश में बढ़ते उत्साह को प्रेरणादायक बताया और इसे भारत की सांस्कृतिक और पोषण परंपरा से जोड़ा।

‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ”मैं आप सभी की मिलेट्स के लिए सराहना करना चाहता हूं। 2023 को हमने ‘मिलेट वर्ष’ घोषित किया था, लेकिन आज तीन साल बाद भी इसे लेकर देश और दुनिया में जो पैशन है, वो उत्साहित करने वाला है। आज सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में श्रीअन्न के प्रति लगाव लगातार बढ़ रहा है और यह सेहत के साथ-साथ किसानों की आमदनी के लिए भी फायदेमंद साबित हो रहा है।”

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने तमिलनाडु के कल्ल-कुरिची जिले का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, ”यहां महिला किसानों का एक समूह पूरे देश के लिए प्रेरणा बन गया है। ‘पेरियापलायम मिलेट’ एफपीसी से करीब 800 महिला किसान जुड़ी हुई हैं। मिलेट की बढ़ती मांग को देखते हुए इन महिलाओं ने मिलेट प्रोसेसिंग यूनिट शुरू की। अब ये महिलाएं मिलेट से बने उत्पादों को खुद तैयार कर सीधे बाजार तक पहुंचा रही हैं। इससे न सिर्फ उनकी आमदनी बढ़ी है, बल्कि वे आत्मनिर्भर भी बनी हैं।”

पीएम मोदी ने राजस्थान के रामसर क्षेत्र में हो रहे नवाचारों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ”यहां एक कंपनी से 900 से ज्यादा किसान जुड़े हुए हैं, जो बाजरे की खेती करते हैं। ये किसान बाजरे से लड्डू तैयार करते हैं, जिनकी बाजार में काफी मांग है।”

प्रधानमंत्री ने बताया, ”कई मंदिर ऐसे भी हैं, जहां प्रसाद के रूप में केवल मिलेट से बने उत्पादों का ही इस्तेमाल किया जा रहा है। श्रीअन्न परंपरा, सेहत और रोजगार को एक साथ जोड़ रहा है।” प्रधानमंत्री ने कहा, ”मिलेट्स से जहां किसानों की आय बढ़ रही है, वहीं आम लोगों के स्वास्थ्य में भी सुधार देखने को मिल रहा है। सर्दियों के दिनों में हमें श्रीअन्न का सेवन जरूर करना चाहिए।”

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने आने वाले कार्यक्रमों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि फरवरी महीने में ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें दुनिया भर से विशेषज्ञ भारत आएंगे। पीएम मोदी ने इस समिट में शामिल होने वाले सभी लोगों का स्वागत किया और कहा कि अगले ‘मन की बात’ कार्यक्रम में इस विषय पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। आखिर में उन्होंने देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं और एकजुट होकर आगे बढ़ने का संदेश दिया।

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