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पूर्व सीएम भूपेश बघेल के खिलाफ कथित फर्जी पोस्ट मामले में कांग्रेस का प्रदर्शन, दो ट्यूबर गिरफ्तार, जमानत याचिका खारिज

भिलाई 03। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित रूप से फर्जी और भ्रामक सामग्री प्रसारित किए जाने का मामला अब राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। इसी मामले को लेकर बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुरानी भिलाई थाना परिसर में प्रदर्शन कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री की छवि को नुकसान पहुंचाने का सुनियोजित प्रयास किया गया है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के संबंध में सोशल मीडिया इंस्टाग्राम पर कथित रूप से भ्रामक एवं तथ्यहीन खबर प्रसारित करने के आरोप में पुलिस ने दो यूट्यूबर को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जमानत याचिका खारिज होने पर आरोइयों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

आरोपी द्वारा अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर बहुचर्चित महादेव सट्टा ऐप के संचालक सौरभ चंद्राकर के फेसबुक आईडी पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा चैट करने की खबर प्रसारित की गई थी। जिसको लेकर बुधवार को दिनभर पुरानी भिलाई थाना में गहमागहमी का माहौल रहा, भिलाई चरोदा कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष श्रीकांत वर्मा के नेतृत्व सैकड़ों की संख्या में कांग्रेसी थाना पहुंचे और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे देखते ही देखते थाना छावनी में तपदील हो गया। पुलिस ने भी मौके की नजाकत को समझते हुए दोनों आरोपी ट्यूबर को गिरफ्तार कर लिया और शाम को न्यायालय में पेश किया।

इधर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने फेसबुक आईडी पर लिखा कि…सुबह से फर्जी फ़ोटोशॉप के आधार पर एक खबर एक पोर्टल पर चलाई जा रही है, उस वीडियो में दिखाए गए यूजरनेम का चैट बॉक्स आपके साथ साझा कर रहा हूँ. जिससे स्पष्ट है कि दिखाए गए यूजरनेम के साथ किसी भी तरह के संदेश का आदान-प्रदान नहीं हुआ है, इन फर्जी खेल को खेलने वालों को बता देना चाहता हूँ कि इन फर्जी खबरों के प्रायोजकों का नाम भी हम तक पहुँच चुका है,जो कथित पत्रकार इस षड्यंत्र में शामिल हो रहे हैं, वे भी चेत जाएँ, फिलहाल क़ानूनी कार्रवाई मेरी लीगल टीम करेगी ही, ज़िम्मेदार मीडिया संस्थानों को सुझाव है कि बिना तथ्य जाँचे कुछ भी चलाने से बचें. धन्यवाद…

बिना किसी आधिकारिक पुष्टि और प्रमाण के पूर्व मुख्यमंत्री से जुड़ी संवेदनशील जानकारी को खबर के रूप में प्रस्तुत किया था, उक्त खबर वायरल होने के बाद मामले की शिकायत पुलिस तक पहुंची, जिसके आधार पर पुलिस पर ने अपराध क्रमांक 318/3026, धारा 353 (2) बीएनएस के तहत् अपराध दर्ज किया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री की छवि को नुकसान पहुंचाने का सुनियोजित प्रयास किया गया है।

महादेव सट्टा ऐप के संचालक सौरभ चंद्राकर के कथित इंस्टाग्राम अकाउंट पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल के कथित मैसेज का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल होने पर यह कार्यवाही की गई है। पूर्व में भी कई पार्षदों ने इनके खिलाफ पुलिस में शिकायत की थी।

शिकायतकर्ता ब्लॉक अध्यक्ष श्रीकांत वर्मा ने इस तरह की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दुरुपयोग कर किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाना उचित नहीं है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर तथ्य सामने लाने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि बिना किसी ठोस प्रमाण के लगाए जा रहे आरोप न केवल उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि पत्रकारिता जैसे जिम्मेदार पेशे की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिह्न लगाने का प्रयास है। कुछ व्यक्तियों द्वारा सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों का दुरुपयोग कर झूठी एवं भ्रामक खबर प्रसारित कर समाज के चौथे स्तंभ की प्रतिष्ठा को बदनाम किया जा रहा है जो कि किसी भी व्यक्ति और समाज के लिए चिंतनीय है।

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