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भारत के जाने-माने डॉक्टर अपनी संपत्ति का 70 फीसदी हिस्सा विश्व स्तरीय मेडिकल एजुकेशन के लिए करेंगे दान, 350 करोड़ रुपये की है पूरी राशि

नईदिल्ली (ए)। हैदराबाद स्थित ग्लोबल हॉस्पिटल्स ग्रुप की स्थापना करने वाले जाने-माने डॉक्टर रवींद्रनाथ कांचेरला ने घोषणा की है कि वह अपनी संपत्ति का 70 फीसदी हिस्सा यानी 350 करोड़ रुपए की राशि, विश्व स्तरीय गैर-लाभकारी मेडिकल एजुकेशन, रिसर्च एंड इनोवेशन इंस्टीट्यूट के निर्माण के लिए दान देंगे।

कांचरेला की इच्छा है कि डॉक्टर और मेडिकल हॉस्पिटल इनोवेशन के लिए अन्य प्रौद्योगिकी संस्थानों के साथ मिलकर काम करें। इसी सिद्धांत के साथ रवींद्रनाथ ने प्रोजेक्ट को ग्लोबल हेल्थटेक यूनिवर्सिटी एंड इनोवेशन हब (जीएचयूआईएच) का नाम दिया है।

संगठन के अनुसार, जीएचयूआईएच महत्वपूर्ण निवेश वाली एक सेक्शन 8 (गैर-लाभकारी) कंपनी होगी जो स्वास्थ्य-तकनीक इनोवेशन के माध्यम से चिकित्सा देखभाल का लोकतंत्रीकरण करेगी।

जीएचयूआईएच में वैश्विक स्तर का शीर्ष चिकित्सा विश्वविद्यालय और अस्तपाल होगा और वहां बहु-विषयक अनुसंधान एवं नवोन्मेष पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सात सालों में चिकित्सा विश्वविद्यालय, 700-1000 बिस्तर वाले अस्पताल एवं स्वास्थ्य इनोवेशन केंद्र की स्थापना के लिए 10 करोड़ डॉलर की जरूरत होगी।

इसमें से लगभग 350 करोड़ डॉक्टर कांचेरला देंगे और शेष राशि का योगदान दुनिया भार के चिकित्सा, दवा, प्रौद्योगिकी और बिजनेस क्षेत्र के उनके मित्रों द्वारा फाइनेंस किया जाएगा।

प्रोजेक्ट के बारे में विस्तार से बताते हुए डॉ रवींद्रनाथ ने कहा कि हैदराबाद में जीएचयूआईएच की स्थापना चिकित्सा बुनियादी ढांचे के सतत विकास के लिए एक नया मॉडल प्रदान करने के लिए की जा रही है, जो कि बुनियादी ढांचे का निर्माण करके वैश्विक आबादी की मदद करेगा।

इसके साथ-साथ सभी के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने का प्रयास करना भी है। उन्होंने कहा कि भारत में इस तरह का यह पहला संस्थान होगा और दुनियाभर में इनकी संख्या बहुत कम है। मैंने इस उद्देश्य के लिए ही अपनी सपंत्ति का 70 फीसदी हिस्सा देने का फैसला किया है।

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