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छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल की मुख्य एवं अवसर परीक्षा 2022 की अंतिम तिथि बढ़ाया गया

छत्तीसगढ़ एकमात्र राज्य जिसने परिणाम को किया पोर्टल में अपलोड, देश में छत्तीसगढ़ एकमात्र राज्य जिसने पढ़ना-लिखना अभियान के जानकारी को किया है पोर्टल में अपलोड, अब पुनः संचालित होगी मोहल्ला साक्षरता कक्षा, पढेंगे असाक्षर..

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल द्वारा आयोजित मुख्य एवं अवसर परीक्षा वर्ष 2022 में सम्मिलित होने के लिए प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ाकर अब 30 नवम्बर तक निर्धारित की गई है। पूर्व में प्रवेश की अंतिम तिथि 15 नवम्बर तक निर्धारित थी, जिसे अब छात्रहित में आगे बढ़ाकर सामान्य शुल्क के साथ प्रवेश की अंतिम तिथि 30 नवम्बर तक कर दी गई है।
छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल के सचिव ने यह जानकारी देते हुए बताया कि छात्र प्रवेश से संबंधित अधिक जानकारी के लिए अपने समीपस्थ अध्ययन केन्द्र में संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अध्ययन केन्द्रों की सूची कार्यालय की वेबसाईट www.sos.cg.nic.in पर उपलब्ध है।

पढ़ना-लिखना अभियान की अवधि बढ़ी 6 माह

पढ़ना लिखना अभियान की समयावधि 6 माह तक के लिए बढ़ा दी गई है। इस अभियान में छत्तीसगढ़ राज्य को ढाई लाख असाक्षरों को साक्षर करने का लक्ष्य प्राप्त हुआ था। जिसमे एक लाख 89 हजार 855 के लगभग असाक्षर परीक्षा में शामिल हो चुके हैं। शेष 60 हजार 145 असाक्षरों को आगामी छह माह में साक्षर किया जाएगा। राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के संचालक राजेश सिंह राणा ने इस आशय कि जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ एकमात्र राज्य है, जहां कोरोना काल में असाक्षरों को प्रमोशन पॉलिसी के जरिए साक्षर न कर परीक्षा महाभियान के जरिए साक्षर किया गया है। राज्य को ढाई लाख का लक्ष्य प्राप्त हुआ था, जिसमें से कोरोना काल के पश्चात् मोहल्ला साक्षरता कक्षाएं आयोजित कर उन्हें 3 माह के समय-सीमा में साक्षर किया गया, उन्हें न केवल साक्षर किया गया, बल्कि उनके परिणाम स्कूल शिक्षा विभाग के पोर्टल cgschool.in में भी अपलोड कर दिया गया है। इसके पूर्व कार्यक्रम के प्रारंभ में सर्वे के पश्चात् असाक्षरों की जानकारी पोर्टल में अपलोड किया गया है।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ एकमात्र राज्य है जहां पढ़ना-लिखना अभियान के अंतर्गत अनेक नवाचारी कार्य किए गए है। जैसे असाक्षरों को पढ़ाने के लिए विशेष प्रकार के वीडियो बनाए गए हैं। कुछ अपने आसपास के ‘कबाड़ से जुगाड़’ की तर्ज पर स्थानीय संसाधनों से पढ़ाई के नए तरीके इजाद किये गए है। उन्हें पर्याप्त ऑनलाइन-ऑफलाइन प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया है। सबसे बड़ी बात है कि सर्वे करने के बाद सभी असाक्षरो का नाम पोर्टल में दर्ज किया गया। असाक्षरों को पढ़ाये जाने के लिए प्रवेशिका आखर-झाँपी का वितरण किया गया। आखर-झाँपी पुस्तक के साथ भी उनका फोटो पोर्टल में अपलोड किया गया है।

आगामी 6 माह की अवधि में दो मुख्य काम किया जाना है। पहले शेष असाक्षरों की पुनः मोहल्ला साक्षरता कक्षाएं संचालित की जाएगी और उन्हें साक्षर करेंगे, 120 घंटे की पढ़ाई पूरी कराएंगे। दूसरा जो लोग पहले प्रयास में असफल रहे है या कमजोर हो उन्हें पुनः पढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत न्यू इंडिया लिटरेसी प्रोग्राम की मंशा अनुसार नई प्रवेशिका निर्माण का कार्य और स्टेट केरिकुलम फ्रेमवर्क बनाने का भी काम राज्य में प्रारंभ कर दिया है। उसे भी आगामी छह माह में पूरा किया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण व एससीईआरटी के डायरेक्टर श्री राणा ने बताया कि वे स्वयं राज्य स्तरीय अधिकारियों के साथ जिलों का सघन दौरा करेंगे और शासन की उच्च प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों के साथ इस कार्यक्रम की भी मॉनिटरिंग करेंगे।

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