दुर्ग-भिलाईफीचर्ड

भिलाई-चरोदा में महापौर के लिए निर्मल कोसरे ही एकमात्र विकल्प, सभापति के लिए कृष्णा चंद्राकर और संतोष तिवारी के नाम की है चर्चा

भिलाई-3। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद पहला ऐसा मौका होगा कि भिलाई-चरोदा में कांग्रेस का महापौर बनेगा। इसके पहले जब भिलाई-चरोदा नगर पालिका परिषद हुआ करता था तब राज्य बनने के बाद पहली बार विजय बघेल (निर्दलीय) अध्यक्ष बने, दूसरी बार शशिकांत बघेल (निर्दलीय) अध्यक्ष बने, तीसरी बारबसीता साहू (भाजपा) अध्यक्ष बनी। वर्ष 2016 में नगर निगम बनने के बाद पहले निकाय चुनाव में भाजपा की शहर सरकार बनी जिसमे चंद्रकांता मांडले (भाजपा) प्रथम महापौर बनी थी। विजय बघेल और शशिकांत बघेल ने बाद भाजपा प्रवेश कर लिया था।

निकाय चुनाव 2021 में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनी और नगर निगम के 40 सीटों में से कांग्रेस ने 19 में अपना कब्जा किया है। इसके साथ ही भिलाई-चरोदा में इनका महापौर बनना अब तय हो चुका है। यह पहला अवसर होगा कि मुख्यमंत्री के निवास क्षेत्र में कांग्रेस का महापौर बनेगा।

निर्मल कोसरे ही है एक मात्र विकल्प:- निकाय चुनाव का परिणाम आते ही भिलाई-चरोदा के महापौर के लिए दुर्ग जिला ग्रामीण के अध्यक्ष निर्मल कोसरे का नाम चर्चे में है और ऐसा माना जा रहा है कि वह ही एक मात्र विकल्प है महापौर के लिए। वार्ड 40 गनियारी के पार्षद और कांग्रेस के दुर्ग जिला ग्रामीण अध्यक्ष निर्मल कोसरे  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बहुत करीबी भी है और महापौर आरक्षण एससी सीट के लिए भी उपयुक्त माने जा रहे है।

इस कारण इनका महापौर बनना तय माना जा रहा है अब देखना यह है कि इसकी औपचारिक घोषणा कब की जा रही है। भिलाई चरोदा निगम के वार्ड 37 से 1080 मतों से बड़ी जीत दर्ज करने वाले केबिनेट मंत्री गुरु रुद्रकुमार के खेमे से कृष्णा चंद्राकर का नाम सभापति के लिए चर्चे में है वही मुख्यमंत्री खेमे से संतोष तिवारी के नाम की चर्चा जोरों पर है।

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