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अगले राष्ट्रपति के चयन सहित 19 राज्यसभा सीटों को तय करेगा विधानसभा चुनाव, जानिए क्या कहता है गणित?

पांच राज्‍यों में कुल 690 विधायक चुने जाने हैं और इन चुनावों से ही 19 राज्‍यसभा सीटों का गणित भी साफ होगा….

नईदिल्ली (ए)। उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव तारीखों का ऐलान हो चुका है। इन पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के परिणाम का प्रभाव इस साल जुलाई में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव पर पड़ेगा। इतना ही नहीं इन विधानसभा चुनाव परिणामों का प्रभाव 19 राज्‍यसभा सीटों पर भी पड़ेगा। इसका कारण यह है कि इन्हीं पांच में से तीन राज्‍यों की 19 सीटें खाली होने वाली हैं।

दरअसल, हाल ही में चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों की घोषणा कर दी है। इन चुनाव परिणामों से कई राजनीतिक दलों की दशा और दिशा तो तय होगी ही साथ ही इसके परिणाम दूरगामी साबित होने वाले हैं। इस साल जुलाई में राज्यसभा की 73 सीटों पर चुनाव होंगे। जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं, उनके परिणाम का असर राज्यसभा चुनाव पर पड़ेगा। इसीलिए सभी दल एड़ी-चोटी का जोर लगा देंगे।

चुनावी एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर पांच राज्यों के परिणाम पिछली बार की तरह आए तो सत्तारूढ़ बीजेपी अपनी पसंद का राष्ट्रपति आसानी से चुन लेगी, लेकिन अगर उलटफेर हुए या नजदीकी मामले भी रहे तो बीजेपी को इस बार दिक्कत हो सकती है। क्योंकि पिछले कुछ सालों से बीजेपी का तमाम विधानसभा चुनावों में प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा है। अगर ऐसा हुआ तो विपक्षी दलों के सामने राज्यसभा चुनाव में बीजेपी को मशक्क्त करनी पड़ सकती है।

एक तथ्य यह भी है कि इस पांच राज्‍यों में कुल 690 विधायक चुने जाने हैं और इन चुनावों से ही 19 राज्‍यसभा सीटों का गणित भी साफ होगा। पांच में से तीन राज्‍यों की 19 सीटें खाली होने वाली हैं। मालूम हो कि विधायक और सांसद मिलकर इलेक्‍टोरल कॉलेज बनाते हैं जो राष्‍ट्रपति के चुनाव में हिस्‍सा लेते हैं।

उधर बीजेपी के ऊपर इस बात का दबाव भी है। राष्ट्रपति चुनाव में अपनी पसंद के उम्मीदवार चुनने के अलावा राज्यसभा में दबदबा बनाए रखने के लिए इन पांच राज्यों में बीजेपी को बेहतरीन प्रदर्शन करना होगा। हालांकि जहां तक विधानसभा चुनावों में प्रचार की बात है तो बीजेपी बीते करीब तीन महीने से मिशन मोड में चुनावी तैयारी में जुटी हुई है। इस मामले में दलों से आगे दिख रही है।

इतना ही नहीं बीते दिन चुनाव आयोग के ऐलान के बाद चुनाव प्रचार के डिजिटल मोड में बीजेपी की तैयारियां अन्य दलों से काफी आगे है। उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने सरकार और संगठन दोनों मोर्चों पर तैयारी की हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जहां केंद्र और राज्य की विकास योजनाओं के उद्घाटन-शिलान्यास कार्यक्रम कई जिलों में कर चुके हैं तो वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी हर जिले का दौरा कर चुके हैं।

बता दें कि उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव तारीखों का ऐलान हो चुका है। कोरोना की चुनौतियां, ओमिक्रोन के बढ़ते खतरे के बीच चुनाव आयोग ने पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है। चुनाव आयोग ने 10 फरवरी से चुनाव की घोषणा की है। चुनाव के तारीखों की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता भी लागू हो चुकी है।

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