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सरकार बनाने के लिए उतनी मेहनत नहीं करनी पड़ती, जितनी कड़ी मेहनत देश बनाने के लिए करनी पड़ती है : पीएम मोदी

हर घर जल उत्सव कार्यक्रम को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार बनाने के लिए उतनी मेहनत नहीं करनी पड़ती, जितनी कड़ी मेहनत देश बनाने के लिए करनी पड़ती है…

 

नईदिल्ली (ए)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से जल पहुंचाने के अभियान को एक बड़ी सफलता” करार दिया और कहा कि उनकी सरकार देश बनाने के प्रयासों के तहत वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों का लगातार समाधान कर रही है. जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से जल पहुंचाने वाला गोवा देश का पहला राज्य बना है।

इस अवसर पर यहां आयोजित हर घर जल उत्सव कार्यक्रम को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार बनाने के लिए उतनी मेहनत नहीं करनी पड़ती , जितनी कड़ी मेहनत देश बनाने के लिए करनी पड़ती है. उन्होंने कहा, यह सबके प्रयास से होता है. हम सभी ने देश बनाने का रास्ता चुना है. इसलिए देश की वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों का हम लगातार समाधान कर रहे हैं।

पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन्हें देश की परवाह नहीं होती, उन्हें देश के वर्तमान या भविष्य से कोई फर्क नहीं पड़ता है. उन्होंने कहा, ऐसे लोग पानी के लिए बड़ी-बड़ी बातें जरूर कर सकते हैं लेकिन कभी पानी के लिए एक बड़े दृष्टिकोण के साथ काम नहीं कर सकते. प्रधानमंत्री ने कहा कि सिर्फ तीन साल के भीतर जल जीवन मिशन के तहत सात करोड़ ग्रामीण परिवारों को पाइप के पानी की सुविधा से जोड़ा गया है जबकि आजादी के सात दशकों में देश के सिर्फ तीन करोड़ ग्रामीण परिवारों के पास ही पाइप से पानी की सुविधा उपलब्ध थी. उन्होंने कहा, यह कोई सामान्य उपलब्धि नहीं है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश के 10 करोड़ ग्रामीण परिवार पाइप से स्वच्छ पानी की सुविधा से जुड़ चुके हैं. मोदी ने कहा कि जनभागीदारी, हितधारकों की साझेदारी, राजनीतिक इच्छाशक्ति और संसाधनों का पूरा इस्तेमाल जल जीवन मिशन की सफलता के चार मजबूत स्तंभ हैं. उन्होंने कहा, यह, हर घर जल पहुंचाने की, सरकार के अभियान की एक बड़ी सफलता है. यह सबका प्रयास का एक बेहतरीन उदाहरण है।

जल जीवन मिशन भारत सरकार का एक प्रमुख कार्यक्रम है, जिसकी घोषणा 15 अगस्त, 2019 को प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले की प्राचीर से की थी. इसका उद्देश्य 2024 तक देश के प्रत्येक ग्रामीण परिवार के लिए नियमित और दीर्घकालिक आधार पर पर्याप्त मात्रा में, निर्धारित गुणवत्ता के पेयजल की आपूर्ति का प्रावधान करना है. यह कार्यक्रम भारत सरकार द्वारा राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के साथ साझेदारी में कार्यान्वित किया जाता है. केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

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