दुर्ग-भिलाईफीचर्ड

बीएसपीकर्मी किशोर नशीने एवं भागवत निषाद ने बिखेरी “छत्तीसगढ़ संपूर्ण दर्शन” ग्रंथ की आभा, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड से हुए सम्मानित

भिलाई। बिलासा साहित्य संगीत धारा व छत्तीसगढ़ स्वाभिमान संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित छत्तीसगढ़ संपूर्ण दर्शन पुस्तक का विमोचन राजधानी रायपुर में सम्पन्न हुआ। छत्तीसगढ़ से भिलाई इस्पात संयंत्र के आर एम पी -3 विभाग में चीफ मास्टर टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत किशोर कुमार नशीने तथा फाउंड्री एंव पैटर्न शॉप विभाग के मास्टर ऑपरेटर भागवत निषाद ने छत्तीसगढ़ संपूर्ण दर्शन ग्रंथ-विशाल छंदमयी साझा संकलन में अपनी विशेष सहभागिता निभाई। श्री नशीने एवं श्री निषाद को उनकी सहभागिता के लिए गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड से सम्मानित किया गया।

कवि एवं साहित्यकार किशोर कुमार नशीने एवं भागवत निषाद की इस उपलब्धि के लिए आरएमपी-3 विभाग के मुख्य महाप्रबंधक रतन मुखर्जी, मुख्य महाप्रबंधक रामपाल, मुख्य महाप्रबंधक सुशांत पाल, उप महाप्रबंधक डी के वर्मा, उप महाप्रबंधक संजय नायक एवं विभाग के सभी अधिकारी‌ कर्मचारियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।

विदित हो कि कवि एवं साहित्यकार किशोर कुमार नशीने एवं भागवत निषाद को छत्तीसगढ़ स्वाभिमान संस्थान द्वारा 27 अप्रैल 2023 को छत्तीसगढ़ राज्य के आदि संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के रूप में ” छत्तीसगढ़ संपूर्ण दर्शन ग्रंथ-विशाल छंदमयी साझा संकलन ” जो गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना स्थान प्राप्त कर चुका है, में अपनी सहभागिता निभाने के लिए सम्मानित किया गया था।

साथ ही उनकी इस उपलब्धि के लिए विमोचन कार्यक्रम में 08 मई 2023 को रायपुर में, छत्तीसगढ़ राज्य के विषय विशेष राज्य की वास्तुकला, शिल्पकला एवं मूर्तिकला पर अपनी महत्त्वपूर्ण सहभागिता हेतु काव्य सृजन का धर्म निभाने के लिए छत्तीसगढ़ संस्कृति विभाग द्वारा भी सम्मानित किया गया।

ग्रंथ विमोचन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, पूर्व सांसद अनुसूचित जनजाति एवं संस्कृती बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष डा. नंद कुमार साय थे। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष दुधाधारी मठ के महंत एवं पूर्व विधायक राजे रामसुंदर दास ने की, विशिष्ट अतिथि के रूप में राजभाषा आयोग के पूर्व अध्यक्ष विनय कुमार पाठक, राजभाषा आयोग के सचिव डा.अनिल भतपहरी, गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड के संवाद प्रमुख डा. सोनल राजेश शर्मा, वरिष्ठ साहित्यकार डा. माणिक विश्वकर्मा नवरंग, डा.स्नेहलता पाठक, वरिष्ठ साहितयकार रामेश्वर शर्मा, राष्ट्रीय कवि संगम के प्रदेश सह महामंत्री साहित्यकार महेश कुमार शर्मा, डा. लखन पड़रिया तथा कवियित्री श्रीमति केवरा यदु उपस्थित थे।

संपूर्ण दर्शन ग्रंथ जो एक विशाल छंदमयी साझा संकलन है, जिसका संपादन श्रीमती सुकमोती चौहान तथा सह संपादन आशा आजाद और माधुरी डडसेना द्वारा किया गया। जिसमें 1007 पृष्ठ हैं एवं छत्तीसगढ़ के 72 विषयों के साथ साथ 117 प्रकार के छंदों में इन विषयों को छंदबद्ध किया गया है। छत्तीसगढ़ और विभिन्न राज्यों के साहित्यकारों ने अपना अमूल्य योगदान देकर इस ग्रंथ को मूल रूप दिया। शिक्षा की दृष्टि से छात्र-छात्राएँ इसका अध्ययन कर लाभान्वित होंगे।

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