खास खबरदेश-दुनियाफीचर्ड

गुजरात में बना 60 क्विंटल वजन का ॐ केदारनाथ धाम में किया जा रहा स्थापित, ॐ के बाद लगाया जाएगा विशालकाय कलश

कांसे की धातु का बना ये ॐ 60 क्विंटल का है. इसे गुजरात में बनाया गया और उसके बाद विशेष विमान की सहायता से इसे केदारनाथ धाम में पहुंचाया गया है…

देहरादून (ए)। 11वें ज्योतिर्लिंग बाबा केदारनाथ का धाम आपदा के बाद से लगातार सज रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई बार केदारनाथ में चल रहे पुनर्निर्माण के कार्यों का जायजा ले चुके हैं. यही कारण है कि राज्य सरकार का पूरा फोकस केदारनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण पर है. केदारनाथ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बाबा का धाम और हाल ही में लगी भगवान आदि गुरु शंकराचार्य की प्रतिमा आकर्षण का केंद्र रही है. लेकिन अब भक्तों को बाबा केदार के दर्शन के साथ ही कई किलोमीटर पहले एक बड़ा ॐ चिन्ह भी दिखाई देगा. गुजरात में बना ये विशालकाय ॐ ना केवल केदारनाथ सही सलामत पहुंच गया है बल्कि इसको लगाने का काम भी 80 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है।

ॐ विशेष विमान से लाया गया ओम: कांसे की धातु का बना ये ॐ 60 क्विंटल का है. इसे गुजरात में बनाया गया और उसके बाद विशेष विमान की सहायता से इसे केदारनाथ धाम में पहुंचाया गया है. केदारनाथ धाम में यह ओम मंदिर से लगभग 250 मीटर पहले लगाया जा रहा है. ऐसे में इस विशालकाय ओम से केदारनाथ की भव्यता और भी भव्य नजर आएगी. बताया जा रहा है कि एक भक्त ने केदारनाथ में यह ओम लगाने की पेशकश की थी, जिसके बाद मंदिर समिति ने भी इस पर हामी भरी. केदारनाथ पुनर्निर्माण के कार्यों का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि साल 2013 की आपदा के बाद से केदारनाथ में लगातार कार्य चल रहा है. केदारनाथ मंदिर के आसपास भक्तों के बैठने के लिए जगह बनाई गई है. साथ ही आदि गुरु शंकराचार्य की एक विशालकाय काले रंग की प्रतिमा भी लगाई गई है. 2013 आपदा के दौरान आदि गुरु शंकराचार्य की प्रतिमा नष्ट हो गई थी।

केन्द्र केदारनाथ पर केंद्र और राज्य सरकार का फोकस :केदारनाथ धाम में लगाए जा रहे इस ओम को इस तरह से लगाया जा रहा है कि परिसर में होने वाली बर्फबारी से ओम को कोई नुकसान ना पहुंचे. बाकायदा तांबे की और अन्य धातुओं की वेल्डिंग मशीन के जरिए ओम को स्थापित किया जा रहा है. कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस तरह से केदारनाथ के पुनर्निर्माण के कामों में रुचि ले रहे हैं, उससे हमारे राज्य को सुखद संदेश मिल रहा है. वहीं मंत्री सुबोध उनियाल का कहना है कि ओम का जाप करने से ही तमाम तरीके के शरीर के अवगुण और बीमारी खत्म हो जाती है. ऐसे में इतना शुभ चिन्ह केदारनाथ में लगना केदारनाथ की महिमा को और बढ़ा देगा।

केदारनाथ में ओम का महत्त्व : केदारनाथ में ओम के स्थापित स्थान पर एक बड़ा फुटपाथ भी बनाया जाएगा, ताकि श्रद्धालु आस-पास बैठकर भजन भी कर सके. केदारनाथ में ओम की स्थापना को लेकर प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य प्रतीक अमरीश पुरी कहते हैं कि केदारनाथ में ओम का आकृति होना ही एक विशेष संयोग बनाता है. ज्योतिषाचार्य पुरी कहते हैं कि हर शब्द का महत्व होता है. केदारनाथ में ओम की स्थापना होने के बाद राज्य और आसपास के क्षेत्र में कई तरह के बदलाव दिखाई देंगे।

ओम के बाद कलश की बारी : केदारनाथ धाम की विशेषता और महत्वता को देखते हुए हजारों श्रद्धालु रोजाना केदारनाथ धाम पहुंच रहे हैं. नई-नई व्यवस्थाओं का केदारनाथ में स्थापित होना लगातार जारी है. ओम आकृति के बाद अब बहुत जल्द केदारनाथ धाम के ऊपर स्वर्ण कलश स्थापित होगा. हालांकि, यह स्वर्ण कलश पहले से भी था, लेकिन अब नया स्वर्ण कलश केदारनाथ मंदिर में स्थापित होने जा रहा है. मतलब साफ है कि आने वाले दिनों में केदारनाथ धाम बेहद खूबसूरत और बदला-बदला नजर आएगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button