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वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल पहुंचा रोमांचक दौर में, भारत को जीत के लिए चाहिए 280 रन

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल मुकाबले के चौथे दिन का खेल खत्म होने पर भारतीय टीम का स्कोर 3 विकेट के नुकसान पर 164 रन था. आखिरी दिन टीम को जीत के लिए अब 280 रन बनाने हैं…

नईदिल्ली (ए)। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) फाइनल मुकाबला अब काफी रोमांचक स्थिति में पहुंच गया है. चौथे दिन का खेल खत्म होने पर भारतीय टीम का स्कोर 3 विकेट के नुकसान पर 164 रन था. टीम इंडिया को अभी भी इस मुकाबले में जीत हासिल करने के लिए 280 रनों की दरकार है. दिन का खेल खत्म होने पर विराट कोहली 44 और अजिंक्य रहाणे 20 रन बनाकर नाबाद पवेलियन लौटे।

ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए चौथे दिन की शुरुआत अच्छी नहीं रही. टीम ने अपना 5वां विकेट जल्द ही मार्नश लाबुशेन के रूप में गंवा दिया. उमेश यादव ने लाबुशेन को 41 के निजी स्कोर पर पुजारा के हाथों कैच आउट कराकर पवेलियन भेजा. इसके बाद बल्लेबाजी करने उतरे एलेक्स कैरी ने कैमरन ग्रीन के साथ मिलकर धीमी गति के साथ स्कोर को आगे बढ़ाना शुरू किया।

रवींद्र जडेजा ने इस साझेदारी को उस समय तोड़ा जब ग्रीन को उन्होंने अपना शिकार बनाया. ऑस्ट्रेलियाई टीम को छठा झटका 167 के स्कोर पर लगा. ग्रीन अपनी इस पारी में 95 गेंदों में 25 रन बनाकर आउट हुए. ऑस्ट्रेलियाई टीम ने लंच के समय तक अपनी दूसरी पारी में 6 विकेट के नुकसान पर 201 रन बना लिए थे।

दूसरे सत्र की शुरुआत होने के साथ एलेक्स कैरी और मिचेल स्टार्क ने तेजी के साथ रन बनाने का सिलसिला शुरू किया कैरी ने जहां अपना अर्धशतक पूरा किया वहीं दोनों के बीच में 7वें विकेट के लिए 50 रनों की साझेदारी भी देखने को मिली. मिचेल स्टार्क ने बल्ले से कमाल दिखाते हुए 57 गेंदों में 41 रनों की शानदार पारी खेली।

स्टार्क के आउट होने के बाद बल्लेबाजी करने उतरे कप्तान पैट कमिंस सिर्फ 5 रन बनाकर आउट हो गए. इसी के साथ ऑस्ट्रेलियाई टीम ने अपनी दूसरी पारी को भी 270 रनों के स्कोर पर घोषित करते हुए भारत को 444 रनों का विशाल लक्ष्य दिया. भारत की तरफ से गेंदबाजी में रवींद्र जडेजा ने 3 जबकि मोहम्मद शमी और उमेश यादव ने 2-2 विकेट हासिल किए. मोहम्मद सिराज के खाते में इस पारी में सिर्फ 1 विकेट आया।

भारतीय टीम को चायकाल से बल्लेबाजी करने का मौका मिला और कप्तान रोहित शर्मा ने शुभमन गिल के साथ मिलकर सकारात्मक शुरुआत दी. दोनों ने मिलकर तेजी के साथ 41 रन जोड़ दिए. लेकिन चायकाल से ठीक पहले गिल का विकेट भारतीय टीम ने गंवा दिया, जो 18 रनों की पारी खेलकर पवेलियन लौट गए।

चौथे दिन के आखिरी सत्र का खेल शुरू होने के साथ कप्तान रोहित शर्मा और चेतेश्वर पुजारा दोनों ने ही सकारात्मक तरीके से बल्लेबाजी करना जारी रखा. जिसके चलते भारतीय टीम की रन बनाने की रफ्तार लगभग 4 रनों के आसपास देखने को मिली. रोहित ने पुजारा के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी भी जल्द पूरी कर ली. लेकिन इसी बीच नाथन ल्योन ने रोहित के रूप में टीम इंडिया को दूसरा झटका दिया।

कप्तान रोहित शर्मा ने ल्योन की गेंद पर स्वीप शॉट खेलने का प्रयास किया लेकिन गेंद सीधे पैड पर जाकर लगी और उन्हें LBW आउट होकर पवेलियन लौटना पड़ा. रोहित के बल्ले से 43 रनों की पारी देखने को मिली. टीम इंडिया ने अपना तीसरा विकेट 92 के स्कोर पर गंवाया. इसके ठीक बाद तीसरा विकेट भी पुजारा के रूप में टीम ने 93 के स्कोर पर गंवा दिया. पुजारा ने पैट कमिंस की गेंद पर ऐसा शॉट खेलने का प्रयास किया जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी. पुजारा 27 रन बनाकर पवेलियन लौटे।

यहां से सभी को लगा कि ऑस्ट्रेलियाई टीम ने पूरी तरह से मैच को अपनी गिरफ्त में कर लिया है. लेकिन अजिंक्य रहाणे और विराट कोहली की जोड़ी ने टीम इंडिया को इस मुकाबले में बनाए रखने के लिए रनों की गति को बनाए रखने का काम किया. दोनों ने मिलकर चौथे दिन के खेल का अंत होने पर स्कोर को 3 विकेट के नुकसान पर 164 रन तक पहुंचा दिया था. रहाणे और कोहली के बीच अब तक चौथे विकेट के लिए 71 रनों की साझेदारी हो चुकी है. टीम इंडिया को अब 5वें दिन जीत हासिल करने के लिए 280 रनों की दरकार है।

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