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चक्रवाती तूफान बिपरजॉय ने लिया विकराल रूप: रेलवे हुआ अलर्ट, 67 ट्रेन कैंसिल, RPF की कई बटालियन तैनात

चक्रवाती तूफान बिपरजॉय के खतरे को देखते हुए गुजरात में दक्षिण और उत्तरी तटों पर मछली पकड़ने पर रोक लगा दी गई है. रेलवे ने भी अब इसे लेकर कमर कस ली है…

नईदिल्ली (ए)। चक्रवाती तूफान बिपरजॉय विकराल रूप लेता जा रहा है. भारतीय मौसम विभाग के अनुसार यह 15 जून को 125-135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गुजरात और पाकिस्तान कराची को हिट करेगा. अब इस चक्रवाती तूफान से होने वाले खतरे से निपटने के लिए रेल मंत्रालय ने एक वार रूम बनाया है, जिसमें रेलवे बोर्ड के चेयरमैन और सीईओ अनिल कुमार लाहोटी और अन्य बोर्ड के सदस्य हालातों पर सीधी नजर बनाए हुए हैं।

साइक्लोन बिपरजॉय गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ इलाकों को प्रभावित करेगा. इसके अंदर वेस्टर्न रेलवे के भावनगर, राजकोट और अहमदाबाद डीवीजन आते हैं. अगर साइक्लोन के लिहाज से सबसे संवेदनशील इलाकों की बात की जाए तो वेरावल-जूनागढ़ सेक्शन, पोरबंदर- कनालुस सेक्शन, राजकोट-ओखा सेक्शन, वीरमगाम-गांधीधाम-भुज सेक्शन सबसे अधिक संवेदनशील हैं।

कई जगहों पर बनाए गए कंट्रोल रूम इसके अलावा भावनगर, राजकोट और अहमदाबाद के वेस्टर्न रेलवे मुख्यालयों और डिवीजनल दफ्तरों में रेलवे ने डिजास्टर मैनेजमेंट रूम ऑपरेशनल कर दिए हैं. इसमें हर वक्त सभी विभागों के अधिकारी मौजूद हैं. गांधीधाम में भी एक कंट्रोल ऑफिस बनाया गया है. इन सभी कंट्रोल रूम्स के बीच संवाद के लिए हॉट लाइन की व्यवस्था की गई है. रेलवे के डिवीजनल अधिकारी राज्य सरकार और मौसम विभाग से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं।

विंड स्पीड को किया जा रहा मॉनिटर इसके साथ ही जरूरत पड़ने पर तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के भी निर्देश दिए जा चुके हैं. पेड़ काटने के इक्विपमेंट, डीजी सेट्स, डीजल पंप, कई तरह की जेसीबी मशीनें और इनके लिए ईंधन आदि की व्यवस्था कर ली गई है. रिलीफ ट्रेनों को भी तैयार कर लिया गया है. वहीं, भावनगर डिवीजन की 5 जगहों पर विंड स्पीड को मॉनिटर किया जा रहा है. राजकोट के 8 स्थानों पर और अहमदाबाद के 3 स्थानों पर प्रति घंटे विंड स्पीड को मॉनिटर किया जा रहा है।

95 ट्रेनों को किया कैंसिल इसी के साथ ही 13 जून से 15 जून के बीच 95 ट्रेनों को कैंसिल किए जाने की संभावना है जबकि 67 ट्रेनें कैंसिल कर दी गई हैं. साइक्लोन के प्रभाव के दौरान स्टेशनों पर खाने-पीने के स्टाल पर्याप्त स्टॉक के साथ खुले रहेंगे ताकि फंसे हुए यात्रियों को परेशानी न हो. यात्रियों को सड़क मार्ग से ले जाने के लिए राज्य सरकार की बसों और एंबुलेंस की भी व्यवस्था की गई है।

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