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राज्य में अचानक से बीयर की बिक्री में आई गिरावट, सरकार ने 5 सदस्यीय कमेटी का किया गठन

समिति का काम इस बात का अध्ययन करना होगा कि राज्य में बीयर उद्योग के माध्यम से राज्य का राजस्व कैसे बढ़ाया जाए…

मुंबई (ए)। बीते गुरुवार के दिन महाराष्ट्र सरकार ने एक कमिटी का गठन किया है. महाराष्ट्र सरकार ने कमिटी का गठन इस बात की जांच करने के लिए किया कि राज्य में अचानक से बीयर की बिक्री में गिरावट कैसे आ गई है. मतलब एक तरफ जहां ज्यादातर राज्यों में इस बात के लिए कमिटी गठित की जा रही है कि समाज में शराब के बढ़ते इस्तेमाल को कैसे रोका जाए वहीं, महाराष्ट्र सरकार को इस बात की चिंता सता रही है कि राज्य को लोगों ने बीयर पीना क्यों कम कर दिया है?

हाल ही में बीयर इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने बीयर पर उत्पाद शुल्क में कटौती की मांग को लेकर राज्य सरकार से संपर्क किया था. सरकार के सामने अपनी समस्या रखी और अवगत कराया कि कैसे अल्कोहल की मात्रा के आधार पर तुलना करने पर बीयर पर उत्पाद शुल्क की दर अन्य शराब की तुलना में अधिक है. साथ ही बीयर पर उत्पाद शुल्क की दर कम करने वाले अन्य राज्यों को राजस्व वृद्धि के मामले में फायदा हुआ है. जिसके बाद सरकार ने समिति गठित करने का निर्देश दिया।

राज्य सरकार ने बनाई 5 सदस्यीय समिति राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त मुख्य सचिव (राज्य उत्पाद शुल्क) की अध्यक्षता में 5 लोगो की समिति गठित की गई. समिति में राज्य के आला अधिकारियों समेत बीयर एसोसिएशन का एक प्रतिनिधि भी शामिल है. समिति का काम इस बात का अध्ययन करना होगा कि राज्य में बीयर उद्योग के माध्यम से राज्य का राजस्व कैसे बढ़ाया जाए, राज्य में कम हो रहे बीयर के बिक्री को किस तरह से बढ़ाया जाए और सरकार को इससे राजस्व अर्जित करने में कितनी मदद मिलेगी. समिति को अगले एक महीने के अंदर रिपोर्ट देने को कहा गया है।

विपक्ष ने किया सरकार पर वार समिति गठित किए जाने के बाद विपक्ष ने सरकार पर हमला बोला है. शिवसेना UBT के नेता और महाराष्ट्र विधान परिषद में नेता विपक्ष अंबादास दानवे ने ट्वीट करते हुए लिखा, ये महाराष्ट्र का दुर्भाग्य है कि राज्य सरकार को राज्य में मराठी स्कूलों को बचाने के लिए समिति गठित करने की आवश्यकता महसूस नहीं हुई. अगर राशन की दुकानों पर बीयर बांटी जाने लगी तो हर घर मे शराब पीने वाले मिल जाएंगे।

बता दें कि महाराष्ट्र में 1 नवंबर से बार, लाउन्ज और कैफे में बैठकर शराब पीना महंगा हो जाएगा. ऐसा इसलिए क्योंकि राज्य सरकार ने परमिट रूम शराब पर 1 नवंबर से VAT 5 फीसदी बढ़ाने का फ़ैसला किया है. बढ़ोतरी के बाद VAT 5 फीसदी से बढ़कर 10 फीसदी हो जाएगा।

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