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चक्रवात हामून ने दी दस्तक: इन जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट, प्रशासन हुआ मुस्तैद

मौसम विभाग ने अपने बुलेटिन में कहा कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने दबाव के कारण कुछ घंटों में चक्रवात हामून आ सकता है. मौसम विभाग ने केरल में भारी बारिश की चेतावनी दी है…

नईदिल्ली (ए)। भारत के मौसम विभाग (IMD) ने कहा कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने गहरे दबाव के मंगलवार तक चक्रवात में तब्दील होने की संभावना है. चक्रवात बनने के बाद इस तूफान को ‘हामून’ नाम दिया जाएगा. यह नाम ईरान ने दिया है.मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी पर गहरा दबाव पिछले छह घंटों के दौरान 13 किमी प्रति घंटे की गति से उत्तर और उत्तरपूर्व की ओर बढ़ गया. फिलहाल केरल में भारी बारिश देखने को मिली है. इसके अलावा देश में कहीं भी वर्षा नहीं हुई।

25 अक्टूबर को बांग्लादेश तट पार करेगा तूफान
मौसम विभाग ने अपने बुलेटिन में कहा कि दबाव के अगले कुछ घंटों के दौरान दबाव के चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है. इसके 25 अक्टूबर की शाम तक खेपूपारा और चटगांव के बीच बांग्लादेश तट को पार करने की बहुत संभावना है।

तमिलनाडु और केरल में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने बताया कि सोमवार को तमिलनाडु और केरल में भारी बारिश की चेतावनी दी है. वहीं, ओडिशा के तटीय इलाकों, मिजोरम और मणिपुर में भी तेज बारिश हो सकती है. इसके अलावा मंगलवार (24 अक्टूबर) को त्रिपुरा और असम में भारी बारिश होने की संभावना है. इसके अलावा 25 अक्टूबर को नागालैंड, मणिपुर और त्रिपुरा में भी तेज बारिश हो सकती है।

ओडिशा में प्रशासन को तैयार रहने का आदेश
पीटीआई के मुताबिक ओडिशा सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों को किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा है. साथ ही प्रशासन को भारी बारिश की के चलते निचले इलाकों से लोगों को बाहर निकालने का निर्देश दिया है।

मौसम वैज्ञानिक यूएस दश ने कहा कि यह सिस्टम (चक्रवात) ओडिशा तट से लगभग 200 किमी दूर समुद्र में आगे बढ़ेगा. इस दौरान तटीय ओडिशा में अगले दो दिन कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

ओडिशा पर नहीं पड़ेगा सीधा प्रभाव
आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर हवा की गति धीरे-धीरे बढ़कर मंगलवार सुबह तक 80-90 किमी प्रति घंटे से बढ़कर 100 किमी प्रति घंटे तक पहुंच जाएगी. उन्होंने कहा कि संभावित चक्रवात का ओडिशा पर कोई सीधा प्रभाव नहीं पड़ेगा, लेकिन जो दुर्गा पूजा पंडाल मजबूत नहीं हैं, उनको नुकसान हो सकता है।

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