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आजादी के कई साल बाद तक लक्षद्वीप को उपेक्षा का सामना करना पड़ा, अब केंद्र ने लक्षद्वीप को विकसित करने का बीड़ा गंभीरता से उठाया है : पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लक्षद्वीप दौरे पर पिछले 10 वर्षों के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों को गिनाया। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में लक्षद्वीप में कई विकास परियोजनाएं पूरी हुई हैं। पीएम मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वीपों की प्रगति के लिए प्रतिबद्ध है। लक्षद्वीप यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने 1150 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाएं भी राष्ट्र को समर्पित की…

नईदिल्ली (ए)। लक्षद्वीप दौरे पर पहुंचे पीएम मोदी ने अगाट्टी हवाईअड्डे पर समारोह को संबोधित किया। उन्होंने लक्षद्वीप में मौजूद अपार संभावनाओं का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि आजादी के कई साल बाद तक इन द्वीपों को उपेक्षा का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा, केंद्र शासित प्रदेश- लक्षद्वीप कई संभावनाओं से भरा है। आजादी के बाद लंबे समय तक यहां के बुनियादी ढांचे पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया। अब केंद्र ने लक्षद्वीप को विकसित करने का बीड़ा गंभीरता से उठाया है।

चुनौतियों का समाधान कर रही सरकार
बंदरगाह और जहाजों से होने वाले परिवहन को द्वीपों की लाइफ-लाइन बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, बंदरगाह के कमजोर बुनियादी ढांचे के कारण विकास प्रभावित हुए। यही बात शिक्षा, स्वास्थ्य और पेट्रोल-डीजल पर भी लागू होती है। समस्याओं के बावजूद सरकार चुनौतियों का समाधान करने में जुटी है। अगाट्टी में बर्फ संयंत्र का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इस प्लांट के चालू होने के बाद द्वीप पर समुद्री खाद्य प्रसंस्करण की संभावना मजबूत होगी।

लक्षद्वीप में पीएम मोदी का रात्रि प्रवास
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में विशेष रूप से मछुआरों के लिए आधुनिक सुविधाएं शुरू की गई हैं। अब एक हवाई अड्डे के साथ-साथ एक बर्फ संयंत्र भी है। इसकी बदौलत समुद्री खाद्य निर्यात बढ़ेगा। उन्होंने लक्षद्वीप से टूना मछली के निर्यात की शुरुआत का भी उल्लेख किया। इससे केंद्र शासित प्रदेश में मछुआरों की आय बढ़ रही है। प्रधानमंत्री ने लक्षद्वीप की बिजली और दूसरी  ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए सौर ऊर्जा संयंत्र शुरू किए जाने का जिक्र किया। इसके अलावा उन्होंने विमानन ईंधन डिपो के उद्घाटन का भी उल्लेख किया। सरकार की तरफ से जारी बयान के मुताबिक करोड़ों रुपये की परियोजना के लोकार्पण के अलावा प्रधानमंत्री का द्वीपों पर रात्रि प्रवास का भी कार्यक्रम है।

हाईस्पीड इंटरनेट का मजा उठा सकेंगे लोग
गौरतलब है कि अगस्त 2020 में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री ने कोच्चि-लक्षद्वीप द्वीप समूह सबमरीन ऑप्टिकल फाइबर कनेक्शन (केएलआई – एसओएफसी) परियोजना के साथ लक्षद्वीप द्वीप पर धीमे इंटरनेट की चुनौती से निपटने का संकल्प भी लिया था। सरकार का दावा है कि परियोजना अब पूरी हो चुकी है। पहली बार लक्षद्वीप को सबमरीन ऑप्टिकल फाइबर केबल से जोड़ा जाएगा। इसके बाद इंटरनेट स्पीड में 100 गुना से अधिक बढ़ जाएगी। यूजर्स 1.7 जीबीपीएस से 200 जीबीपीएस वाले इंटरनेट स्पीड का आनंद उठा सकेंगे।

 

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