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डबल इंजन सरकार गरीबों के कल्याण के लिए बड़ी योजनाएं चलाने के साथ-साथ बुनियादी ढांचे में रिकॉर्ड निवेश कर रही है : पीएम मोदी

पीएम मोदी ने देश में सड़कों, रेलवे और हवाईअड्डों के तेजी से हो रहे विकास का जिक्र करते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार गरीबों के कल्याण के लिए बड़ी योजनाएं चलाने के साथ-साथ बुनियादी ढांचे में रिकॉर्ड निवेश कर रही है…

गोवा (ए)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दक्षिण गोवा के मडगांव में विकसित भारत, विकसित गोवा सार्वजनिक बैठक में कहा कि राज्यों में केंद्र सरकार की योजनाओं की परिपूर्णता ही वास्तविक धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय है। उन्होंने कहा, केंद्र सरकार की कई योजनाओं के कार्यान्वयन में गोवा ने 100 प्रतिशत परिपूर्णता हासिल कर ली है। जब योजनाओं का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचता है तो लोगों के बीच मतभेद समाप्त हो जाते हैं। प्रत्येक लाभार्थी को पूरा लाभ मिलता है। जब परिपूर्णता होती है तो लोगों को अपना अधिकार पाने के लिए रिश्वत नहीं देनी पड़ती है। परिपूर्णता ही देश व गोवा को मोदी की गारंटी है। इसी परिपूर्णता के लिए केंद्र सरकार ने विकसित भारत संकल्प यात्रा आयोजित की है। जो लोग सरकारी योजनाओं से दूर थे, उन्हें भी इस यात्रा के बाद मोदी की गारंटी से लाभ हुआ।

 

सार्वजनिक बैठक के दौरान मोदी ने क्यूनकोलिम में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) के परिसर डोना पाउला में राष्ट्रीय जल खेल संस्थान और कर्चोरेम में अपशिष्ट प्रबंधन सुविधा का उद्घाटन किया। उन्होंने पणजी और रीस मैगोस किले के बीच एक रोपवे परियोजना और दक्षिण गोवा के जेल्पेम में 100 एमएलडी जल उपचार संयंत्र की आधारशिला भी रखी।

पीएम ने देश में सड़कों, रेलवे और हवाईअड्डों के तेजी से हो रहे विकास का जिक्र करते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार गरीबों के कल्याण के लिए बड़ी योजनाएं चलाने के साथ-साथ बुनियादी ढांचे में रिकॉर्ड निवेश कर रही है। मोदी ने मछली पालकों के कल्याण के लिए सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डाला, जहां उन्होंने एक समर्पित मंत्रालय के गठन, प्रधानमंत्री किसान क्रेडिट कार्ड सुविधा, बीमा राशि को पांच लाख रुपये तक बढ़ाने और नावों के आधुनिकीकरण के लिए सब्सिडी का उल्लेख किया।

 

पीएम मोदी ने कहा, हमारी सरकार गोवा में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने और इसे लॉजिस्टिक हब में बदलने की दिशा में काम कर रही है। गोवा में मनोहर पर्रिकर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के उद्घाटन से निरंतर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की सुविधा मिली है। उन्होंने देश के दूसरे सबसे लंबे केबल ब्रिज न्यू जुआरी ब्रिज का भी उल्लेख किया, जिसे पिछले साल लोगों को समर्पित किया गया था।

 

एक भारत, श्रेष्ठ भारत का महान उदाहरण गोवा
मोदी ने कहा, गोवा क्षेत्रफल और जनसंख्या की दृष्टि से छोटा हो सकता है, लेकिन यह सामाजिक विविधता से समृद्ध है और यह एक भारत, श्रेष्ठ भारत का एक महान उदाहरण है। यहां विभिन्न समुदायों और विभिन्न धर्मों के लोग एक साथ रहते हैं। वे पीढ़ियों से एक साथ रह रहे हैं। इसलिए, जब गोवा के ये लोग बार-बार भाजपा को चुनते हैं, तो इसका संदेश पूरे देश में जाता है। भाजपा का मंत्र है सबका साथ, सबका विकास। मोदी ने कहा, गोवा में जिस तरह से ईसाई समुदाय और अन्य धर्मों के लोग सौहार्दपूर्ण तरीके से रहते हैं, वह ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का एक बड़ा उदाहरण है।

भारत का लक्ष्य 2070 तक नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन
पीएम मोदी ने कहा कि भारत 2070 तक नेट जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य हासिल करने का प्रयास कर रहा है। भारत ऊर्जा सप्ताह के दूसरे संस्करण में मोदी ने जलवायु परिवर्तन को रोकने और हरित ऊर्जा क्षेत्र में उठाए कदमों के बारे में बताया। मोदी ने कहा, विश्व की 17 फीसदी जनसंख्या वाला देश होने के बाद भी, विश्व में भारत कार्बन उत्सर्जन शेयर सिर्फ 4 फीसदी है। इसके बाद भी, हम अपने मिश्रित ऊर्जा को और बेहतर करने के लिए, पर्यावरण के प्रति संवेदनशील ऊर्जा के स्रोत के विकास पर बल दे रहे हैं।

2070 तक हम नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य हासिल करना चाहते हैं। आज भारत अक्षय ऊर्जा को बढ़ा कर विश्व में चौथे स्थान पर है। बीते एक दशक में भारत की सौर ऊर्जा क्षमता 20 गुना से ज्यादा बढ़ी है। मोदी ने कहा, भारत ऐसा देश है, जहां अनेक वैश्विक कारणों के बाद भी बीते 2 सालों में पेट्रोल और डीजल के दाम कम हुए हैं। इसके अलावा भारत ने 100 फीसदी इलेक्ट्रिसिटी कवरेज हासिल करते हुए बिजली को करोड़ों घरों तक पहुंचाया है।

 

पीएम मोदी ने कहा, वित्तीय वर्ष के पहले 6 महीनों में ही, भारत की जीडीपी दर साढ़े सात फीसदी से अधिक हो गई है। ये दर, वैश्विक वृद्धि को लेकर जो अनुमान लगाया गया है, उससे भी बहुत अधिक है। मोदी ने कहा, इस वित्तीय वर्ष में हम बुनियादी ढांचे पर करीब 10 लाख करोड़ रुपये निवेश कर रहे हैं। आधारभूत ढांचे पर 11 लाख करोड़ रुपये से अधिक के खर्च का संकल्प लिया है। इसका एक बड़ा हिस्सा ऊर्जा सेक्टर के खाते में जाना तय है। इस बड़ी राशि से रेलवे, रोडवेज, वाटरवेज, एयरवेज, हाउसिंग समेत बुनियादी ढांचे वाले सभी योजना पर खर्च किया जाएगा।

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