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SP त्रिलोक बंसल ने आईटीबीपी कैंप का आकस्मिक निरीक्षण कर नवनिर्मित बैरक व संसाधनो का लिया जायजा, ग्रामीणों को दैनिक व कृषि संबंधित सामान किया वितरित

पुलिस अधीक्षक के द्वारा कैम्प कटेमा, मौहाढार, एवं थाना गातापार के सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा…सुरक्षा सावधानी एवं समस्याओं के निराकरण करने के सबंध में दिया गया आवश्यक दिशा निर्देश…जनता एवं पुलिस के बीच आपसी समझ एवं विश्वास बढ़ाने हेतु किया गया सिविक एक्शन…

खैरागढ़। नक्सल प्रभावित इलाकों के ग्रामीणों में सुरक्षाबलों के प्रति विश्वास और मित्रता बढ़ाने लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में केसीजी जिले में पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल व आईटीबीपी 40वी बटालियन कमांडेट अनंत नारायण दत्ता ने नक्सल प्रभावित ग्राम कटेमा, बोरला, लक्षना, गातापार इलाके में सिविक एक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

जिसमें ग्रामीणों को दैनिक जरूरतों के सामानों, कृषि संबंधी औजार गैती, फावड़ा, तथा महिलाओ को सिलाई मशीन एवं गांव में पानी पीने का सिन्टेकस वितरण किया गया ग्रामीणों को आष्वासन दिया गया कि पुलिस उनकी सहायता के लिए हमेशा तत्पर रहेगी, निर्भिक होकर अपनी समस्याओं से पुलिस को अवगत करा सकेगें।

उल्लेखनीय है कि ग्राम कटेमा जिला केसीजी. छत्तीसगढ़ जिला गोंदिया महाराष्ट्र तथा जिला बालाघाट मध्यप्रदेष के ट्राई जंक्षन में स्थित है जहां नक्सलियों का आवागमन बना रहता है, इस क्षेत्र का उपयोग नक्सली एक राज्य से दूसरे राज्य में क्रासिंग प्वाईंट के रूप में करते है। पुलिस के लिए यह स्थान सामरिक दृष्टिकोण से अति महत्चपूर्ण है।

कटेमा में पुलिस कैंप के स्थापना से नक्सलियों के गतिविधियों पर प्रभावी रूप से अंकुश लगाने में मदद मिल रही है। पुलिस कैंप कटेमा को सफल अंतर्राज्यीय नक्सल विरोधी अभियान चलाये जाने हेतु लांच पैड के रूप में ईस्तेमाल किया जा सकेगा। कटेमा से राजनांदगांव जिला के लगते सीमा क्षेत्र में नक्सली अपने गतिविधियों में वृध्दि कर वारदातों को अंजाम दे रहे थे।

सुरक्षा कैंप स्थापना से सीमावर्ती जिला राजनांदगांव में नक्सली गतिविधि पर प्रभावी नियंत्रण प्राप्त होगा। विकास कार्य निर्बाध रूप से पूर्ण किये जाने में सहायता मिलेगी। क्षेत्र की जनता एवं पुलिस के बीच आपसी समझ एवं विष्वास में वृध्दि होगी। क्षेत्र में सुरक्षा एवं शांति का वातावरण निर्मित होने से विकास कार्य में तेजी आएगी। कैंप स्थापित किये जाने के कारण नक्सली अपने प्रभाव क्षेत्र के विस्तार नहीं कर सकेंगे।

शासन के जन हितैषी योजनाओं का लाभ जन-जन तक पहुंचेगा। साथ ही पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि जवान की ताकत अनुशासन से है। इसलिए हमेशा अनुशासन में बंधकर नियमपूर्वक अपनी ड्यूटी का निर्वहन करें। यह देश सेवा है। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण जवानों को हर समय मुस्तैद रहने की जरूरत है।

जवान पूरी तरह से ग्रामीणों के साथ आत्मीय व्यवहार करें। किसी भी सूचना का सत्यापन हो जाने के बाद ही अग्रेतर कार्रवाई करें। इस अवसर पर एसी0 श्यामलाल, रक्षित निरीक्षक के0देव0 राजू , थाना प्रभारी गातापार उनि0 देेवाराम भास्कर, जिला बल, व आईटीबीपी अधिकारी जवान उपस्थित रहे।

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