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एलेक्सा से अपनी और अपनी भांजी की बंदर से जान बचाने वाली निकिता को महिंद्रा ग्रुप ने नौकरी का दिया ऑफर

तीन अप्रैल को दोपहर के वक्त वह बहन की 15 माह की बेटी वामिका के साथ खेल रही थी। घर के बाकी लोग इधर-उधर थे। तभी बंदरों का झुंड घर में घुस गया। बच्चों को डराते हुए एक बंदर किचन का सामान फेंकने लगा। इससे दोनों बच्चे डर गए। तभी निकिता की नजर फ्रिज पर रखी अमेजन के वर्चुअल वॉयस असिस्टेंट एलेक्सा डिवाइस पर पड़ी। उसने एलेक्सा को कुत्ते की आवाज निकालने के लिए कहा। संयोग से एलेक्सा एक्टिवेट थी और वह भौं-भौं की आवाज निकालने लगी। कुत्ते की आवाज सुनकर बंदर भाग गया…

 

नईदिल्ली (ए)। महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने एलेक्सा डिवाइस के इस्तेमाल से अपनी और भांजी की जान बचाने वाली निकिता को नौकरी का प्रस्ताव दिया है। महिंद्रा ने एक्स पर लिखा है कि पढ़ाई पूरी करने के बाद यदि यह लड़की कॉर्पोरेट जगत में काम करने का फैसला लेती है, तो उसे महिंद्रा राइज से जुड़ने के लिए राजी करेंगे।

13 साल की इस लड़की ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए अमेजन की वर्चुअल वॉयस असिस्टेंट एलेक्सा डिवाइस का उपयोग कर घर में उत्पात मचा रहे बंदरों को भगा दिया था। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद कई मीडिया संस्थानों ने इस खबर को प्रकाशित किया है।

सदर विकास खंड के नरायनपुर गांव में रहने वाली निकिता के पिता धीरेंद्र पांडेय बताते हैं कि बेटी की सूझबूझ से उनका परिवार भी हैरान है। उसकी समझ से प्रभावित होकर यदि आनंद महिंद्रा जैसी हस्ती ने संज्ञान लिया है, तो यह उनके लिए बड़ी बात है। वहीं, निकिता बताती है कि उसने अभी तय नहीं किया है कि आगे चलकर क्या करेगी। उसने कहा कि इंटरमीडिएट के बाद वह कॅरिअर के बारे में निर्णय लेगी।

बता दें कि निकिता इन दिनों शहर की आवास विकास कॉलोनी में अपनी बड़ी बहन शिप्रा के घर आई हुई है। तीन अप्रैल को दोपहर के वक्त वह बहन की 15 माह की बेटी वामिका के साथ खेल रही थी। घर के बाकी लोग इधर-उधर थे। तभी बंदरों का झुंड घर में घुस गया। बच्चों को डराते हुए एक बंदर किचन का सामान फेंकने लगा। इससे दोनों बच्चे डर गए। तभी निकिता की नजर फ्रिज पर रखी अमेजन के वर्चुअल वॉयस असिस्टेंट एलेक्सा डिवाइस पर पड़ी। उसने एलेक्सा को कुत्ते की आवाज निकालने के लिए कहा। संयोग से एलेक्सा एक्टिवेट थी और वह भौं-भौं की आवाज निकालने लगी। कुत्ते की आवाज सुनकर बंदर भाग गया।

आनंद महिंद्रा ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा कि हमारे युग का प्रमुख प्रश्न यह है कि क्या हम प्रौद्योगिकी के गुलाम बनेंगे या स्वामी? इस लड़की की कहानी यह दिलासा देती है कि प्रौद्योगिकी हमेशा मानवीय प्रतिभा को बढ़ावा देने वाली रहेगी। उसकी त्वरित सोच असाधारण थी। लड़की ने पूरी तरह से अप्रत्याशित दुनिया में नेतृत्व की क्षमता दिखाई है। अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद यदि वह कॉर्पोरेट जगत में काम करने का फैसला करती है, तो मुझे उम्मीद है कि महिंद्रा राइज में हम उसे जुड़ने के लिए राजी कर पाएंगे।

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