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ट्रस्ट और प्रशासन की बैठक में लिया गया निर्णय, श्रीराम मंदिर में नहीं ले जा सकेंगे मोबाइल फोन

राम मंदिर के अंदर अब वीआईपी और वीवीआईपी भी मोबाइल नहीं ले जा सकेंगे। यह निर्णय राममंदिर ट्रस्ट और प्रशासन की बैठक में लिया गया है…

अयोध्या (ए)। आम हो या खास, अब कोई भी राममंदिर में मोबाइल फोन नहीं ले जा सकेगा। शुक्रवार को राममंदिर ट्रस्ट और प्रशासन की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। आम श्रद्धालुओं के लिए मोबाइल फोन ले जाने पर पहले से ही रोक थी। अब वीआईपी व वीवीआईपी भी मोबाइल नहीं ले जा सकेंगे। परिसर में मोबाइल न जाए, इसकी निगरानी कड़ाई से निगरानी किए जाने का दावा किया गया है।

राममंदिर के स्तंभ में खंडित मूर्ति की फोटो वायरल होने की घटना से इस फैसले को जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि ट्रस्ट का कहना है कि सुरक्षा कारणों से परिसर में मोबाइल फोन पर रोक लगाई गई है।

प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही राममंदिर में श्रद्धालु बिना किसी रोकटोक के मोबाइल फोन ले जाते रहे। फिर कुछ सख्ती की गई और आम श्रद्धालुओं के मोबाइल ले जाने पर रोक लगा दी गई। इसी बीच ट्रस्ट ने सुगम व विशिष्ट दर्शन की व्यवस्था शुरू की। इसके तहत विशिष्ट पास वालों को एक मोबाइल ले जाने की अनुमति दी जाने लेगी। साथ ही वीआईपी व वीवीआईपी के लिए भी मोबाइल ले जाने पर छूट थी।


इस पर भी सवाल उठ रहे थे कि ट्रस्ट और प्रशासन आम और खास श्रद्धालुओं में भेद क्यों कर रहा है। हालांकि अब इस व्यवस्था पर पूर्णतया प्रतिबंध लगा दिया गया है। बैठक में राममंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र, राममंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ़ अनिल मिश्र, मंडलायुक्त गौरव दयाल, आईजी प्रवीण कुमार, एसपी सुरक्षा पंकज पांडेय मौजूद रहे।

राममंदिर के ट्रस्टी डॉ़ अनिल मिश्र का कहना है कि मोबाइल फोन राममंदिर परिसर में जाने से सुरक्षा को खतरा था। साथ ही आम श्रद्धालुओं को भी अखरता था। दर्शन की कतार में ही लोग फोटो और सेल्फी लेने लगे थे। इस ठीक नहीं लगता था। पहले की तरह सुगम व विशिष्ट दर्शन की व्यवस्था लागू रहेगी, लेकिन मोबाइल पर प्रतिबंध रहेगा।

एसपी सुरक्षा पंकज पांडेय कहा कहना है कि इस व्यवस्था का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। चेकिंग प्वाइंट पर हर एक श्रद्धालु की जांच की जाएगी।

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