खास खबरदेश-दुनियाफीचर्ड

पश्चिम बंगाल पहुंचा चक्रवाती तूफान रेमल: मूसलाधार बारिश शुरू; 1 लाख लोगों को पहुंचाया गया सुरक्षित जगह, पीएम मोदी ने की बैठक

तूफानी चक्रवात रेमल ने पश्चिम बंगाल में दस्तक दे दी है. IMD के मुताबिक, आधी रात को चक्रवात रेमल का असर तेज हो गया. इस दौरान तेज रफ्तार में हवाएं भी चल रही है…

 

कोलकाता (ए)। पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश में चक्रवात रेमल के कारण लैंडफाल शुरू हो गया है. बंगाल के कई हिस्सों में भारी बारिश हो रही है. IMD ने कहा कि बांग्लादेश और उससे सटे पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में लैंडफॉल की प्रक्रिया शुरू हो गई है, यह अगले 4 घंटों तक जारी रहेगा. चक्रवात रेमल को लेकर इंडियन नेवी और NDRF की टीमें अलर्ट मोड पर है।

IMD के अनुसार, बांग्लादेश और आसपास के पश्चिम बंगाल तटों पर आज आधी रात तक 110-120 किमी प्रति घंटे की अधिकतम हवा की गति होगी. चक्रवाती तूफान के रात 12:00-1:00 बजे के बीच बांग्लादेश को पार करने का अनुमान है, जिसके बाद इसके कमजोर होने की उम्मीद है।

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, मौसम कार्यालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि चक्रवात ने रात लगभग 8:30 बजे (स्थानीय समय) बांग्लादेश के मोंगला और खेपुपारा तट के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से से होते हुए भारत के पश्चिम बंगाल तट को पार करना शुरू कर दिया है. उन्होंने कहा कि तूफान बांग्लादेश के दक्षिण-पश्चिमी तटीय इलाकों और पश्चिम बंगाल के सागर द्वीप से उत्तरी दिशा की ओर बढ़ रहा है और अगले पांच से सात घंटों में इसके समुद्र तट रेखाओं को पार करने की संभावना है।

भीषण चक्रवाती तूफान रेमल ने रविवार रात बांग्लादेश तट पर दस्तक दी और अधिकारियों ने देश के निचले दक्षिण-पश्चिमी तटीय इलाकों से आठ लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है. इसके अलावा पश्चिम बंगाल सरकार ने सुंदरबन और सागर द्वीप सहित तटीय क्षेत्रों से लगभग 1.10 लाख लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया है।

इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने चक्रवाती तूफान रेमल से निपटने को लेकर की गई तैयारियों की समीक्षा के लिए एक बैठक की थी. चक्रवाती तूफान के बांग्लादेश और इसके पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के बीच के समुद्र तटों पर करीब आधी रात को दस्तक देने की आशंका है. प्रचंड चक्रवात के कारण पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों और कोलकाता में भारी बारिश हुई है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button