दुर्ग-भिलाईफीचर्ड

RTE के तहत एडमिशन हेतु फर्जीवाड़ा करने वालों पर होगी एफआईआर, सात शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालकों की प्रतिपूर्ति राशि समपृहत:

दुर्ग। कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी के निर्देशानुसार जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत सत्र 2024-25 हेतु एडमिशन में हुई गड़बड़ी की जांच करायी गई। जांच उपरांत जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा संबंधित पालकों क्रमशः भुनेश्वर कुमार निनान्वे एवं बनारसी साहनी के विरूद्ध प्रथम प्राथमिकी दर्ज करने हेतु पुलिस अधीक्षक को दस्तावेज प्रेषित कर दी गई है।

ज्ञात हो कि उक्त पालकों द्वारा फर्जी दस्तावेज के आधार पर आर.टी.ई. के तहत अपने बच्चे का प्रवेश की प्रत्याशा में एक से अधिक आवेदन किया गया है। सभी आवेदनों में आधार नंबर एक समान है किन्तु पता अलग-अलग है। इससे प्रतीत हो रहा है कि पालकों/आवेदकों द्वारा फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत किया गया है।

उनके द्वारा ऑनलाईन आवेदन करते समय घोषणा की गई है कि सत्यापन करने पर कोई जानकारी झूठी या असत्य पायी जाती है तो बच्चे का प्रवेश रद्द कर अपने विरूद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई किये जाने की जानकारी दी गई।

सात दुकान संचालकों की प्रतिपूर्ति राशि समपृहत: सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकानों में निर्धारित तिथि तक राशन सामग्री का भंडारण करना अनिवार्य होता है, ताकि समय पर राशनकार्डधारी राशन का उठाव कर सकें। आगामी माह का राशन भंडारण करने के लिए पूर्व माह की 10 तारीख तक अनिवार्य रूप से नागरिक आपूर्ति निगम के प्रदाय केन्द्रों में डीडी जमा करना होता है या निर्धारित राशि नेफ्ट करना होता है। शा.उ.मू. दुकान के संचालकों के द्वारा समय पर राशि जमा किये जाने की नियमित रूप से मानिटरिंग की जाती है।

उक्त जानकारी देते हुए खाद्य नियंत्रक सी.पी. दीपांकर ने बताया कि माह जून 2024 के लिए 10 मई 2024 तक निर्धारित राशि का डीडी जमा नहीं करने वाले कुल 10 दुकान संचालकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। 18 जून 2024 खाद्य नियंत्रक के समक्ष में उक्त दुकान संचालकों की सुनवाई की गई तथा निर्धारित समय पर डीडी जमा नही करने के कारण दुकान संचालकों के द्वारा जमा की गई प्रतिभूति राशि समपृहत की गई।

कुल 07 दुकान संचालकों का दुकान आई डी- 431004262, 431004118, 431004190, 431004245, 431004246, 431004206 तथा 431004192 से 5000-5000 रूपए, 431004238 से 4000 रूपए, 431004137 से 2500 रूपए तथा 431004203 से 2000 रूपए की राशि समपृहत की गई। कुल 43 हजार 500 रूपए की राशि वसूल की गई है।

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