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SP शलभ सिन्हा ने ट्रेडिंग इंवेस्टमेंट फ्रॉड का किया खुलासा, 28 लाख रुपए की ठगी करने वाले अन्तर्राज्यीय गिरोह के 06 आरोपी गुजरात से गिरफ्तार

आरोपियों द्वारा विदेश से ‘‘फर्जी इन्वेस्टमेंट एप-आई.सी.आई.सी.आई. सिक्योरिटी इंटरनेशनल इन्वेस्ट एवं व्हाट्सअप नम्बर का किया गया उपयोग…आरोपियों के द्वारा उपयोग किये गये नम्बर एवं अकाउण्ट नम्बर साइबर पोर्टल में दर्ज करने पर देश के अन्य राज्यों (उत्तर प्रदेश, वेस्ट बंगाल, कर्नाटक, तमिलनाडू, तेलंगाना) में इनके विरूद्ध हैं प्रकरण दर्ज…

बस्तर। पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा के नेतृत्व में बस्तर पुलिस के द्वारा आपराधिक तत्वों के विरूद्ध लगातार कार्यवाही की जा रही है। सायबर क्राईम के मामले में पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा के द्वारा रूचि लेकर वृहद पैमाने पर विषेष अभियान चलाकर आरोपियों की पतासाजी, धरपकड़ एवं विवेचना की जा रही है। इसी तारतम्य में थाना नगरनार के अपराध क्र. 89/2024 में प्रार्थी से कुल 28,81,104 रू. की ठगी करने वाले 06 आरोपियों को गिरफ्तार करने में बस्तर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।

विदित हो कि पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, अति0 पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग, नगर पुलिस अधीक्षक उदित पुष्कर (भा.पु.से.) के मार्ग दर्शन व गीतिका साहू उप पुलिस अधीक्षक, बस्तर के पर्यवेक्षण में निरीक्षक गौरव तिवारी एवं षिवानंद सिंह के नेतृत्व में टीम गठित कर आपराधिक प्रकरणों का अनुसंधान किया जा रहा है।

दिनांक 16.05.2024 को प्रार्थी अजीत कुमार ठाकुर पिता स्व. विजय कुमार ठाकुर जाति ब्राम्हण उम्र 48 वर्ष निवासी एसी.सी. जामुल जिला दुर्ग हाल पता हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी जगदलपुर ने रिपोर्ट दर्ज कराया कि दिनांक 08.06.24 को उसके फेसबुक अकाउण्ट में इंडियन स्टॉक ऑफिस वीआईपी 76 का लिंक देखकर व्हाटसएप ग्रुप मे मेम्बर बना तथा धन निवेश कर लाभ कमाने के लिए आई.सी.आई.सी.आई. सिक्योरिटी इंटरनेशनल इन्वेस्ट नामक एप डाउनलोड किया।

प्रार्थी अजीत कुमार उक्त एप के द्वारा डेली रिव्यु देने पर प्रतिदिन 5000/-हजार रूपयेे खाते में जमा होने से अपर सर्किट स्टॉक, आई.पी.ओ. में निवेश करना शुरू किया, जिससे प्रार्थी को कुछ धन लाभ होने पर प्रार्थी द्वारा 85,000/-रूपये निकाल लिया गया। उक्त प्रक्रिया में विश्वास होने पर दिनांक 29.04.24 से 09.05.2024 के बीच एप के माध्यम से 28,81,104/- (अठाईस लाख इक्यासी हजार एक सौ चार रूपये ) उस ऐप पर इन्वेस्ट किया जिसमें उसे लाभ दिखा परन्तु विड्राल करने पर इनको कोई रकम प्राप्त नही होने पर फ्रॉड होने की जानकारी हुई।

भुगतान प्राप्त नहीं होने संबंधी जानकारी देने पर सायबर ठगी होने की रिपोर्ट पर थाना नगरनार में दिनांक 16.05.2024 को अपराध क्र. 89/2024 धारा 420 भादवि. 66 (डी) आई.टी. एक्ट का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों का विष्लेषण किया गया, जिसके आधार पर निरीक्षक शिवानंद सिंह के नेतृत्व में टीम गठित कर, टीम द्वारा सायबर सेल के मदद से आरोपी को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया।

जिनसे पूछताछ करने पर अहमदाबाद गुजरात थाना गोमतीपुर का निवासी होना बताये एवं प्रार्थी के निवेश का धन अपने खाते में प्राप्त कर ठगी करना स्वीकार किया। उक्त आरोपियों द्वारा एक व्यक्ति के नाम पर भिन्न-भिन्न खाता खुलवाकर एवं निवेश की धन राशि आहरित कर विदेश में भेजना स्वीकार किया गया, जिसकी लेन-देन की पुष्टि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हो रही हैं एवं विवेचना जारी है। आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।

आरोपियों का नामः- (01) जमशेद अहमद फारूकी पिता शब्बीर अहमद फारूकी उम्र 43 वर्ष निवासी 206 एफ.रसूल अषद टाउनषीप गोमतीपुर गार्डन चौकी के सामने थाना गोमतीपुर,
(02) प्रवीण खटीक पिता राजू भाई खटीक उम्र 28 वर्ष निवासी 207 महेष्वरी नगर सोसायटी तक्षषीला स्कूल के सामने ओढव थाना ओढव जिला अहमदाबाद गुजरात,
(03) राकेश पहाडिया पिता गौरीशंकर पहाडिया जाति खटीक उम्र 26 वर्ष निवासी सी. 288 उमिया नगर सोसायटी तक्षषिला स्कूल के पीछे अहमदाबाद गुजरात,
(04) रमेश आर. पंचाल पिता रेवन दास उम्र 56 वर्ष निवासी 515/31/30 हाउसिंग बोर्ड हाल पता एफ./403 गजानंद 189 रिंगरोड अहमदाबाद,
(05) राकेश राजपूत पिता राजेन्द्र सिंह राजपूत उम्र 50 वर्ष निवासी पॉचतलावाडा सोसायटी भार्गव रोड कुबेरनगर अहमदाबाद गुजरात,
(06) ट्वीकल शर्मा पिता प्रमोद शर्मा उम्र 24 वर्ष निवासी 37/127 गुजरात हाउसिंग बोर्ड पुलिस लाईन सरसपुर

आरोपी से जप्त संपत्तिः- 03 नग की-पेड मोबाईल, 05 नग टच स्क्रीन मोबाईल, 03 नग स्वाईप मषीन, 02 नग स्केनर मषीन (आईडीएफसी बैंक एवं इन्डसण्ड बैंक), 11 नग एटीएम कार्ड, 02 नग पासबुक, 03 नग चेक बुक, 06 क्रेडिट कार्ड एवं पहचान संबंधी अन्य दस्तावेज ।

नोटः- उक्त प्रकरण में बस्तर पुलिस द्वारा अब तक 35 लाख रू. होल्ड कराया जा चुका है।

तरीका वारदातः- आरोपी द्वारा फर्जी डीमेट अकाउण्ड द्वारा स्टॉक के नाम पर निवेश कराकर प्रार्थी से विभिन्न चरणों में एवं विभिन्न माध्यम से कुल 28,81,104 रू. की ठगी की गई।

महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाले अधिकारी/कर्मचारी-
निरीक्षक- शिवानंद सिंह, गौरव तिवारी, टामेश्वर चौहान
सउनि-सतीष यादव
प्र0आर0- मौसम गुप्ता, विकास सिंह,
आर0-गौतम सिन्हा, रवि कुमार,, मुकुन्द राम भण्डारी, राधिका नेताम
नव0आर0- दीपक कुमार

सायबर फ्रॉड से बचाव हेतु बस्तर पुलिस की अपील:-
1. व्हा्टसऐप, फेसबुक, टेलीग्राम या अन्य प्लेट फॉर्म में दिखाये जाने वाले इन्वेषटमेेंट के विज्ञापनों से सावधान रहें।
2. ऐसे प्लेटफॉर्म में उपलब्ध इन्वेषटमेेंट के विज्ञापन कम राषि में अत्याधिक मुनाफे का दावा करते है।
3. ऐसे निवेष में टॉस्क बेस कार्य (रिव्यु, कमेंट, लाईक, शेयर आदि) देकर मुनाफा कमाने का झांसा दिया जाता है।
4. फ्राडस्ट्र फर्जी डीमेट एकाउंट खुलावकर अधिक से अधिक धनराषि इनवेस्ट कराने की कोषिष करते है, कोई भी डीमेट एकाउंट उपयोग करने के पूर्व उसकी वैधता जॉच लेवे।
5. निवेष के दौरान, निवेष की धनराषि निजी बैंक खाते में यदि जॉ रही हो तो सचेत रहने की आवष्यकता है।
6. विदेष के नंबरो के माध्यम से निवेष हेतु संपर्क करने पर एैसे निवेष से बचे।
7. गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा “सायबर दोस्त“ एंव “बस्तर पुलिस“ सोषल मिडिया एकाउंट के माध्यम से सायबर अपराध क प्रति जागरूकता लाने हेतु समय-समय पर जानकारी साझा की जाती है कृपया कर ऐसे माध्यमों से जानकारी प्राप्त करें।
8. सायबर ठगी होने पर शासन के वेबसाईट एनसीसीआर पोर्टल एवं टोल फ्री नंबर-1930 पर अपनी षिकायत दर्ज करवा सकते है।

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