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ब्रुनेई यात्रा के दौरान पीएम मोदी का एलान: ब्रुनेई की राजधानी से चेन्नई के लिए सीधी विमान सेवा, रक्षा व अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग के लिए भी हुआ समझौता

पीएम मोदी और ब्रुनेई के सुल्तान हाजी हसनल बोलकिया ने बुधवार को एक द्विपक्षीय बैठक की। बैठक के दौरान द्विपक्षीय संबंधों से से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई। दोनों नेताओं ने बांदर सेरी बेगावान और चेन्नई के बीच सीधी विमान सेवा शुरू होने का भी स्वागत किया…

नईदिल्ली (ए)। ब्रुनेई की राजधानी बांदर सेरी बेगावान और भारत के चेन्नई के बीच सीधी विमान सेवा शुरू होगी। यह एलान प्रधानमंत्री नरेंद्र की ब्रुनेई यात्रा के दौरान की गई है। सीधी विमान सेवा के अलावा दोनों देशों ने रक्षा, अंतरिक्ष और लोगों के लोगों के बीच संबंध के क्षेत्र में भी अपसी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है।

पीएम मोदी की यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच हुए समझौतों से भविष्य में द्विपक्षीय संबंध और मजबूत होने का अनुमान है। विदेश मंत्रालय ने अपने एक बयान में कहा कि भारत और ब्रुनेई ने सैटेलाइट और लॉन्चिंग वाहनों के लिए टेलिमैट्री, ट्रैकिंग और टेलीकमांड स्टेशन के संचालन में सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) हस्ताक्षर किए।

पीएम मोदी और ब्रुनेई के सुल्तान हाजी हसनल बोलकिया ने बुधवार को एक द्विपक्षीय बैठक की। बैठक के दौरान द्विपक्षीय संबंधों से से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई। दोनों नेताओं ने बांदर सेरी बेगावान और चेन्नई के बीच सीधी विमान सेवा शुरू होने का भी स्वागत किया।

विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर और ब्रुनेई के परिवहन और सूचना संचार मंत्री महामहिम पेंगिरन दातो शमहारी पेंगिरन दातो मुस्तफा ने उपग्रह और प्रक्षेपण वाहनों के लिए टेलीमेट्री, ट्रैकिंग और टेलीकमांड स्टेशन के संचालन में सहयोग पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया। इस दौरान पीएम मोदी और ब्रुनेई के सुल्तान भी मौजूद रहे। वार्ता के बाद एक संयुक्त वक्तव्य जारी किया गया। विदेश मंत्रालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में इसकी जानकारी दी।

संयुक्त वक्तव्य के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के टेलीमेट्री ट्रैकिंग और टेलीकमांड (टीटीसी) स्टेशन की मेजबानी जारी रखने के लिए ब्रुनेई दारुस्सलाम की गहरी सराहना की। इस संस्थान ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत की ओर से चल रहे प्रयासों में योगदान दिया है।

साझा बयान में कहा गया है कि दोनों नेताओं ने दोनों सरकारों के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत लंबे समय से चली आ रही व्यवस्था और एमओयू के तहत आपसी हित के क्षेत्रों में आगे सहयोग का स्वागत करते हुए नए एमओयू की सराहना की। दोनों नेताओं ने रक्षा, व्यापार और निवेश, खाद्य सुरक्षा, शिक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, क्षमता निर्माण और संस्कृति के साथ-साथ लोगों के बीच आदान-प्रदान सहित कई विषयों पर द्विपक्षीय वार्ता की।

पीएम मोदी और ब्रुनेई सुल्तान ने पेरिस समझौते जैसे अंतरराष्ट्रीय जलवायु उद्देश्यों के अनुसार जलवायु परिवर्तन को संबोधित करने और इस बढ़ती चुनौती के प्रतिकूल प्रभावों को कम करने के प्रयासों को बढ़ाने की तत्काल आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की। वे आईसीटी, फिनटेक, साइबर सुरक्षा, नई और उभरती प्रौद्योगिकियों और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग की खोज और उसे आगे बढ़ाने पर सहमत हुए।

प्रधानमंत्री मोदी और ब्रुनेई के सुल्तान हाजी हसनल बोलकिया ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। संयुक्त बयान में कहा गया कि दोनों नेताओं ने आतंकवाद की भी निंदा की। दोनों नेताओं नेआतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों का विरोध किया और राष्ट्रों से इसे अस्वीकार करने का आह्वान किया गया।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी देश को अपने नियंत्रण वाले क्षेत्र का उपयोग आतंकवाद के लिए नहीं करने देना चाहिए, किसी भी देश को आतंकवादियों को पनाह नहीं देनी चाहिए। दोनों नेताओं ने आतंकवादी कृत्यों के अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया।

आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के बीच संबंधों को स्वीकार करते हुए दोनों नेताओं ने इस संबंध में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। दोनों पक्ष आतंकवाद से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र और अन्य बहुपक्षीय मंचों पर मिलकर काम करने पर सहमत हुए।

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