दुर्ग-भिलाईफीचर्ड

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत दुर्ग बना प्रथम ओडीएफ प्लस मॉडल जिला

दुर्ग। स्वच्छता ही सेवा पखवाड़े अंतर्गत 02 अक्टूबर महात्मा गांधी की जयंती पर ‘‘स्वच्छ भारत दिवस‘‘ का आयोजन विज्ञान भवन, नई दिल्ली में किया गया। इस गरिमामय कार्यक्रम में माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा पूरे देश से आए जनप्रतिनिधियों, सफाई मित्रों, स्वच्छाग्राहियों एवं अधिकारियों को संबोधित किया गया। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत जिला दुर्ग को 15 अगस्त, 2024 को छत्तीसगढ़ राज्य का प्रथम ओ.डी.एफ. प्लस मॉडल जिला घोषित किया गया।

ओ.डी.एफ. प्लस मॉडल जिला घोषणा होने के सम्मान में जिला दुर्ग से ऋचा प्रकाश चौधरी, कलेक्टर दुर्ग को स्वच्छ भारत दिवस के राष्ट्रीय कार्यक्रम के आयोजन में नई दिल्ली आमंत्रित किया गया। उक्त कार्यक्रम में प्रदेश से 11 अन्य प्रतिभागियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। जिसमें सुशीला भट्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष, राजकुमार भट्ट, जिला पंचायत सदस्य, जिला कवर्धा, सुरुचि सिंह, मुख्य कार्यपालन, जिला पंचायत राजनांदगांव, पद्मश्री फूलबासन यादव, राजनांदगांव, धनेश्वरी साहू, सरपंच ग्रा.पं. टेमरी, जिला महासमुंद, राधिका पैंकरा, सरपंच, ग्रा.पं. मेंडरबहार, जिला जशपुर, मनप्यारी बाई, स्वच्छाग्राही, ग्राम पंचायत लोधमा, जिला जशपुर तथा राज्य की टीम से डॉ. रूपेश राठौर एवं अभिलाषा आनंद, राज्य सलाहकार द्वारा इस कार्यक्रम में प्रतिभाग किया गया।

जिला दुर्ग में कुल 300 ग्राम पंचायते एवं 381 ग्राम है, समस्त ग्रामों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन कार्य पूर्ण कर लिया गया है जिसके अंतर्गत जैविक अपशिष्ट हेतु नॉडेप, वर्मी का निर्मार्ण किया गया है, वहीं अजैविक अपशिष्ट के प्रबंधन हेतु सेग्रीगेशन वर्कशेड, घर-घर कचरा एकत्रीकरण हेतु ट्रायसायकल, प्रत्येक गांव में स्वच्छाग्राही स्व-सहायता समुह को संलग्न किया गया है।

ग्रे-वाटर मैनेजमेंट के लिये सभी गांव के सार्वजनिक स्थानों, शाला एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में सोकपिट, किचन गार्डन का निर्माण किया गया है, ग्राम की ऐसे नाली जहाँ अपशिष्ट जल तालाब या अन्य जल स्त्रोतों में जा रहा है, वहां त्री-स्तरीय जल शुद्धिकरण इकाई का निर्माण किया गया है। ब्लैक-वाटर मैनेजमेंट के लिये जिले में कुल 05 फिकल स्लज ट्रिटमेंट प्लांट का निर्माण किया गया है। सभी ग्रामों में सामुदायिक शौचालयों की व्यवस्था है।

मार्गदर्शिका अनुसार ग्रामों के ओ.डी.एफ. प्लस मॉडल स्व-घोषणा पश्चात् विकासखंड स्तरीय एवं जिला स्तरीय गठित दल द्वारा समस्त गांव का सत्यापन कराया गया। इसके पश्चात् वाटरएड एवं समर्थन संस्था द्वारा तृतीय पक्ष सत्यापन के लिये 10 प्रतिशत ग्रामों का रेण्डम सत्यापन कराया गया है। इस प्रकार जनपद पंचायत दुर्ग, धमधा एवं पाटन के ओ.डी.एफ. प्लस मॉडल विकासखंड घोषणा के साथ सम्पूर्ण जिला दुर्ग ग्रामीण को ओ.डी.एफ. प्लस मॉडल जिला घोषित किया गया है।

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