खास खबरदेश-दुनियाफीचर्ड

भारत, मॉरीशस में संसद की नई बिल्डिंग बनाने में करेगा सहयोग, पीएम मोदी ने कहा- ‘मदर ऑफ डेमोक्रेसी’ की ओर से मॉरीशस को होगी भेंट

पीएम मोदी ने मॉरीशस के सभी नागरिकों को राष्ट्रीय दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, ‘यह मेरे लिए बहुत सौभाग्य की बात है कि मुझे दोबारा मॉरीशस के नेशनल डे पर आने का अवसर मिल रहा है। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम जी और मॉरीशस सरकार का आभार व्यक्त करता हूं…

 

नईदिल्ली (ए)। पीएम मोदी ने बुधवार को ऐलान किया कि भारत मॉरीशस में संसद की नई बिल्डिंग बनाने में सहयोग करेगा। उन्होंने कहा कि यह ‘मदर ऑफ डेमोक्रेसी’ की ओर से मॉरीशस को भेंट होगी। प्रेस मीट कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने कहा, “भारत-मॉरीशस का संबंध, केवल हिंद महासागर से नहीं बल्कि हमारी साझी सांस्कृतिक परंपराओं और मूल्यों से भी जुड़ा है, हम आर्थिक और सामाजिक प्रगति की राह पर एक दूसरे के साथी हैं, प्राकृतिक आपदा हो या कोविड विपदा हमने हमेशा एक दूसरे का साथ दिया है, रक्षा हो या शिक्षा, स्वास्थ्य हो या स्पेस हम हर क्षेत्र में कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं। पिछले दस वर्षों में हमने अपने संबंधों में कई नए आयाम जोड़े हैं।”

पीएम मोदी ने कहा, ग्लोबल साउथ हो या हिंद महासागर या अफ्रीका भू-भाग, मॉरीशस हमारा महत्वपूर्ण साझेदार है। दस वर्ष पहले, विजन सागर यानि ‘क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास’ की आधारशिला यहीं मॉरीशस में रखी गई थी। पीएम मोदी ने कहा, “अगले पांच वर्षों में भारत में मॉरीशस के 500 सिविल सर्वेंट को को ट्रेनिंग दी जाएगी। हमारे बीच लोकल करेंसी में आपसी व्यापार का सेटलमेंट करने पर भी सहमति बनी है।”

पीएम मोदी ने मॉरीशस के सभी नागरिकों को राष्ट्रीय दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, ‘यह मेरे लिए बहुत सौभाग्य की बात है कि मुझे दोबारा मॉरीशस के नेशनल डे पर आने का अवसर मिल रहा है। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम जी और मॉरीशस सरकार का आभार व्यक्त करता हूं।

बता दें कि पीएम मोदी 11-12 मार्च तक मॉरीशस की दो दिवसीय यात्रा पर हैं। बुधवार को ही उन्हें पूर्वी अफ्रीकी राष्ट्र के राष्ट्रीय दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होना है। पीएम मोदी ने मंगलवार को पोर्ट लुइस में अपने मॉरीशस समकक्ष नवीनचंद्र रामगुलाम के साथ वार्ता की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और भारत-मॉरीशस के बीच विशेष बंधन को बढ़ाने के लिए नए रास्ते तलाशने पर विचार-विमर्श किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button