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अबूझमाड़ के अतिसंवेदनशील क्षेत्र इरकभट्टी पहुँचे उपमुख्यमंत्री और वनमंत्री, बच्चों के साथ बैठकर किया दोपहर का भोजन

रायपुर। नारायणपुर जिले के अबुझमाड़ क्षेत्र के अतिसंवेदनशील क्षेत्र इरकभट्टी में आज उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा तथा नारायणपुर विधायक एवं वनमंत्री केदार कश्यप ने दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा बलों के जवानों और ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। इरकभट्टी के आश्रम का भ्रमण तथा अधिकारियों के साथ बैठक लेकर विकास योजनाओं की समीक्षा की।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर संभाग के सातों जिलों में ग्राम पंचायतों से लेकर जनपद एवं जिला पंचायतों तक आदिवासी समाज की भागीदारी प्रमुख रूप से है। 12 में से 11 विधायक और दोनों सांसद भी आदिवासी समाज से हैं। यानी शासन की पूरी व्यवस्था में आदिवासी समाज अग्रणी है। ऐसे में किसी को भड़काने या गुमराह करने की कोशिश को नकार देना चाहिए। हमारी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि शासन की हर योजना अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे।

उन्होंने कहा कि अबुझमाड़ क्षेत्र में योजनाएं इसलिए नहीं पहुंच पाईं क्योंकि कुछ लोगों ने जानबूझकर विकास को बाधित किया। अब वह समय समाप्त हो चुका है। महतारी वंदन योजना का लाभ यहां की हर पात्र महिला तक पहुंचेगा। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और आजीविका से जुड़ी योजनाएं पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ रही हैं। स्कूलों की स्थिति सुधारी जाएगी ताकि यहां के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

इस दौरान विजय शर्मा ने स्वामी विवेकानंद आश्रम इरकभट्टी का भी निरीक्षण किया और बच्चों से बातचीत कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्कूली बच्चों के साथ बैठकर दोपहर का भोजन भी किया। कैम्प में अधिकारियों के साथ अबुझमाड़ क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई और आगामी कार्य योजना पर विचार-विमर्श किया गया। मार्ग में नियद नेल्लानार गांव में चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी कार्य समयबद्धता और गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।

नारायणपुर विधायक एवं वनमंत्री केदार कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि हमें तय करना है कि विकास करना है या नहीं। जब सड़क का प्लान है तो रास्ता भी देना पड़ेगा। कुछ लोग मना करते हैं, लेकिन हमें उन्हें समझाना होगा कि यह हमारे बच्चों के लिए जरूरी है। यहां तालाब नहीं है, पानी की कमी है, बस सेवा की जरूरत है यह सब तभी संभव होगा जब सड़क होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का सपना है कि गांव-गांव तक सड़क पहुंचे।

उन्होंने आगे कहा कि पहले की तुलना में आज चावल, राशन, स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं। हमारी पारंपरिक फसलें जैसे रागी और मंडिया की देश-विदेश में मांग है। हमें प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना है और रासायनिक खादों से बचना है। सरकार ब्रांडिंग और बाज़ार तक पहुँच सुनिश्चित करने के लिए प्रयास कर रही है।

श्री कश्यप ने यह भी बताया कि 23 जून को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का दौरा प्रस्तावित था, लेकिन भारी बारिश के कारण वह नहीं आ सके। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से आग्रह किया कि मैं स्वयं और उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री श्री शर्मा जाकर लोगों से मिलूं और उनकी मांगों को लेकर सरकार में चर्चा करूं।

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