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प्रतिष्ठित रेड हाउस में बोलने वाला पहला भारतीय प्रधानमंत्री बनकर बहुत खुशी हुई, त्रिनिदाद और टोबैगो की संसद में पीएम मोदी

आतंकवाद पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि राजनीति और सत्ता की प्रकृति में एक बुनियादी बदलाव आया है। फ्री ट्रेड दबाव में है, आतंकवाद एक गंभीर खतरा बना हुआ है। अतीत के औपनिवेशिक शासन भले ही समाप्त हो गए हों, लेकिन उनकी छाया नए रूपों में अभी भी बनी हुई है…

 

नईदिल्ली (ए)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कैरेबियाई देश त्रिनिदाद और टोबैगो की अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान वहां की संसद की संयुक्त सभा को संबोधित किया। वह पोर्ट ऑफ स्पेन स्थित प्रतिष्ठित रेड हाउस से ऐसा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बन गए। संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह मेरे लिए अत्यंत गौरव का क्षण है कि मैं त्रिनिदाद और टोबैगो की ऐतिहासिक संसद ‘रेड हाउस’ में संबोधन देने वाला भारत का पहला प्रधानमंत्री हूं। उन्होंने कहा, “भारत विश्व में सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है। हम अपने विकास को दूसरों के प्रति अपनी जिम्मेदारी के रूप में भी देखते हैं, और हमारी प्राथमिकता हमेशा वैश्विक दक्षिण रहेगी। जैसे-जैसे भारत वैश्विक दक्षिण में वृद्धि और विकास को बढ़ावा देने के लिए AI उपकरण विकसित कर रहा है, त्रिनिदाद और टोबैगो हमारे लिए एक प्राथमिकता वाला देश होगा।”

प्रधानमंत्री मोदी ने त्रिनिदाद एवं टोबैगो की संसद में कहा, “मैं इस प्रतिष्ठित लाल सदन में बोलने वाला भारत का पहला प्रधानमंत्री बनकर गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। इस महान राष्ट्र के लोगों ने दो उल्लेखनीय महिला नेताओं को चुना है -राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री। वे गर्व से खुद को प्रवासी भारतीयों की बेटियां कहती हैं। उन्हें अपनी भारतीय विरासत पर गर्व है। हमारे दोनों राष्ट्र औपनिवेशिक शासन की छाया से ऊपर उठे और साहस को अपनी स्याही और लोकतंत्र को अपनी कलम बनाकर अपनी कहानियां लिखीं।”

पीएम मोदी ने कहा कि मुझे इस सदन में इतनी सारी महिला सदस्यों को देखकर बहुत खुशी हो रही है। महिलाओं के प्रति सम्मान भारतीय संस्कृति में गहराई से निहित है। हमारे महत्वपूर्ण पवित्र ग्रंथों में से एक, स्कंद पुराण में कहा गया है कि एक बेटी दस बेटों के बराबर खुशी लाती है। हम अपने आधुनिक भारत के निर्माण के लिए महिलाओं के हाथ मजबूत कर रहे हैं। अंतरिक्ष से लेकर खेल तक, स्टार्टअप से लेकर विज्ञान, शिक्षा से लेकर उद्यम, विमानन से लेकर सशस्त्र बलों तक – वे विभिन्न क्षेत्रों में भारत को एक नए भविष्य की ओर ले जा रही हैं।

उन्होंने आगे कहा कि हम भारतीयों के लिए लोकतंत्र सिर्फ एक राजनीतिक मॉडल नहीं बल्कि हमारे लिए यह जीवन जीने का एक तरीका है। इस संसद में भी कुछ ऐसे सदस्य हैं जिनके पूर्वज भारत के बिहार राज्य से आए थे, जो महाजनपदों -प्राचीन गणराज्यों की भूमि है। पीएम मोदी ने कहा कि 180 साल पहले, पहले भारतीय समुद्र पार एक लंबी और कठिन यात्रा के बाद इस भूमि पर पहुंचे थे। भारतीय धुनें कैरेबियाई लय के साथ खूबसूरती से मिश्रित हुईं, राजनीति से लेकर कविता तक, क्रिकेट से लेकर वाणिज्य तक-वे हर क्षेत्र में योगदान देते हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि मुझे कहना होगा कि भारतीय वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के सबसे उत्साही प्रशंसकों में से हैं। हम पूरे दिल से उनका उत्साहवर्धन करते हैं, सिवाय उस समय के जब वे भारत के खिलाफ खेल रहे हों।

वहीं, आतंकवाद पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि राजनीति और सत्ता की प्रकृति में एक बुनियादी बदलाव आया है। फ्री ट्रेड दबाव में है, आतंकवाद एक गंभीर खतरा बना हुआ है। अतीत के औपनिवेशिक शासन भले ही समाप्त हो गए हों, लेकिन उनकी छाया नए रूपों में अभी भी बनी हुई है।

इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी को पोर्ट ऑफ स्पेन स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द रिपब्लिक ऑफ त्रिनिदाद एंड टोबैगो’ (ओआरटीटी) से सम्मानित किया गया। त्रिनिदाद और टोबैगो की राष्ट्रपति क्रिस्टीन कंगालू ने प्रधानमंत्री मोदी को यह पुरस्कार प्रदान किया। प्रधानमंत्री मोदी यह प्रतिष्ठित सम्मान पाने वाले पहले विदेशी नेता हैं।

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