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आज से संसद का मानसून सत्र: पेश किए जाएंगे 8 नए विधेयक, लोकसभा-राज्यसभा में हंगामे के आसार

आज शुरू हो रहा संसद का मानसून सत्र पूरी तरह हंगामेदार रहने के आसार हैं। विपक्ष पहलगाम हमले, ऑपरेशन सिंदूर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मध्यस्थता के दावों, बिहार में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण, मणिपुर, चीन जैसे विषयों पर सरकार को घेरने के लिए पूरी तरह तैयार है…

 

 

नईदिल्ली (ए)। संसद का मानसून सत्र आज से शुरू होने वाला है। यह सत्र 21 अगस्त यानी 32 दिन तक चलेगा। इसमें 21 बैठकें होंगी। पीएम मोदी आज सत्र शुरू होने से पहले मीडिया से रू-ब-रू होंगे। ऑपरेशन सिंदूर समेत मुख्य मुद्दों पर पीएम मोदी नहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बयान देंगे। इस दौरान राज्यसभा में विपक्ष को इससे जुड़े सवाल पूछने की अनुमति दी जाएगी।

सत्र की शुरुआत से पहले रविवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में एकजुट विपक्ष ने सरकार से मांग की कि ऑपरेशन सिंदूर और ट्रंप के बयानों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को जवाब दें। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, सरकार ऑपरेशन सिंदूर समेत सभी मुद्दों पर नियमानुसार चर्चा को तैयार है।

पीएम मोदी से जवाब की मांग पर रिजिजू ने कहा, विदेश यात्राओं को छोड़ दिया जाए, तो प्रधानमंत्री सत्र के दौरान हमेशा संसद में रहते हैं। हालांकि, उनसे हमेशा सदन में बैठे रहने की उम्मीद नहीं की जा सकती। जब भी सत्र चल रहा होता है, केंद्रीय मंत्री अपने विभागों से जुड़े प्रश्नों पर जवाब देने के लिए उपलब्ध होते हैं।

बता दें कि संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस सांसद जयराम रमेश, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के अलावा केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा समेत कई अन्य दलों के नेताओं को मिलाकर 54 लोग शामिल हुए।

मानसून सत्र में पेश किए जाने वाले विधेयकों में लदान विधेयक 2024, समुद्री माल ढुलाई विधेयक 2024, तटीय नौवहन विधेयक 2024, गोवा राज्य के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में अनुसूचित जनजातियों का प्रतिनिधित्व विधेयक 2024, मर्चेंट शिपिंग विधेयक 2024, भारतीय बंदरगाह विधेयक 2025, आयकर विधेयक 2025, मणिपुर वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2025, जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक 2025, भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) विधेयक 2025, कराधान कानून (संशोधन) विधेयक 2025, भू-विरासत स्थल और भू-अवशेष (संरक्षण और रखरखाव) विधेयक 2025, खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक 2025, राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक 2025 और नेशनल एंटी-डोपिंग संशोधन विधेयक 2025 शामिल हैं।

सरकार किसी विषय पर चर्चा से पीछे नहीं हटेगी : रिजिजू
रिजिजू ने कहा, बैठक में सरकार ने संसद के सुचारु संचालन के लिए विपक्ष का सहयोग मांगा। उम्मीद जताई कि आगामी सत्र पूरी तरह से उत्पादक होगा। उन्होंने कहा, हम ऑपरेशन सिंदूर समेत किसी भी विषय पर चर्चा से भाग नहीं रहे हैं। ये सभी विषय देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। लेकिन कोई भी बहस नियमों के दायरे में ही होगी। कम सांसदों वाले दलों को भी बोलने के लिए पर्याप्त समय देने की मांग पर रिजिजू ने कहा, हम सभी को पर्याप्त समय देने की कोशिश करेंगे।

बिहार और मणिपुर के मुद्दों पर भी चर्चा कराने की मांग
संसद सत्र के आगाज से पहले रविवार की सर्वदलीय बैठक के दौरान विपक्ष ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण, मणिपुर, जम्मू-कश्मीर व चीन पर भी चर्चा की मांग उठाई। मतदाता सूची का मुद्दा चुनाव आयोग से जुड़ा होने व सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने के कारण सरकार इस पर चर्चा कराएगी।

सर्वदलीय बैठक में क्या बोले विपक्षी सांसद
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि हमारी मांग है कि ऑपरेशन सिंदूर और ट्रंप के दावे पर खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बयान दें। यह उनकी नैतिक जिम्मेदारी है। गोगोई ने कहा कि कांग्रेस बिहार में वोटरों के नाम की साजिश का मुद्दा भी उठाएगी। विदेश नीति की नाकामी और खुफिया विफलता जैसे आरोप लगाते हुए समाजवादी पार्टी के सांसद रामगोपाल यादव ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में खुफिया विफलता की बात खुद उपराज्यपाल ने मानी है। यह गंभीर स्थिति है। उन्होंने कहा कि भारत ने पाकिस्तान से जुड़े मुद्दे पर कभी भी तीसरे पक्ष को मध्यस्थता की अनुमति नहीं दी है, ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दावों पर सरकार को स्पष्टीकरण देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि हमारी विदेश नीति विफल है, क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर पर किसी देश ने भारत का साथ नहीं दिया।

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