खास खबरदेश-दुनियाफीचर्ड

सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को कहा- कुष्ठ रोग पीड़ितों से भेदभाव वाले कानूनी प्रावधानों में बदलाव करें

राज्य सरकारें नियमित मानसून या शीतकालीन सत्र का इंतजार करने के बजाय विशेष या एक दिवसीय सत्र बुलाकर कुष्ट रोग के पीड़ितों के खिलाफ कानून में भेदभावपूर्ण प्रावधानों को हटा या संशोधित कर सकती हैं…

 

नईदिल्ली (ए)। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी राज्य एक दिन का विशेष विधानसभा सत्र बुलाएं या अध्यादेश लाकर उन कानूनों में बदलाव करें, जिनमें कुष्ठ रोग के पीड़ितों के खिलाफ अपमानजनक, भेदभावपूर्ण प्रावधान शामिल हैं। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि केंद्र और राज्य अगर ऐसे अपमानजनक और भेदभावपूर्ण कानूनों को हटा दें तो इन लोगों के कल्याण के लिए यह बहुत बड़ा कार्य होगा।

पीठ ने कहा, राज्य सरकारें नियमित मानसून या शीतकालीन सत्र का इंतजार करने के बजाय विशेष या एक दिवसीय सत्र बुलाकर कुष्ट रोग के पीड़ितों के खिलाफ कानून में भेदभावपूर्ण प्रावधानों को हटा या संशोधित कर सकती हैं। अगर सत्र बुलाना संभव न हो, तो अध्यादेश लाया जा सकता है। ऐसा करके राज्य सरकारें इन लोगों के लिए बहुत बड़ा कार्य करेंगी।

शीर्ष कोर्ट उन जनहित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिनमें से एक 2010 में दायर की गई थी। इस पर पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को निर्देश दिया था कि वे एक समिति बनाएं जो ऐसे कानूनों की पहचान करे जो कुष्ट के पीड़ितों या ठीक हो चुके लोगों के खिलाफ भेदभाव करते हैं और उन्हें हटाने के उपाय करें ताकि वे संविधान के अनुरूप हों।

पहले सुप्रीम कोर्ट को बताया गया था कि ऐसे लगभग 145 से अधिक राज्य कानून हो सकते हैं जिनमें आपत्तिजनक प्रावधान अब भी मौजूद हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button