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चिकित्सा प्रतिपूर्ति हेतु शासन ने राजीव लोचन आयुर्वेद चिकित्सालय को दी मान्यता

दुर्ग। चिकित्सा शिक्षा मंत्रालय छत्तीसगढ़ शासन द्वारा राजीव लोचन आयुर्वेद चिकित्सालय चंदखुरी, दुर्ग को शासकीय सेवकों एवं उनके आश्रितों की चिकित्सा प्रतिपूर्ति हेतु मान्यता प्रदान कर दी है। राजीव लोचन आयुर्वेद चिकित्सालय प्रथम चिकित्सालय है जिसे राज्य शासन ने चिकित्सा प्रतिपूर्ति हेतु मान्यता प्रदान की है।

राजीव लोचन आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय से संलग्न चिकित्सालय सन् दो हजार दो से अनवरत हैं। निःस्वार्थ मानव सेवा हेतु तत्पर रहने वाली चिकित्सा संस्थान है। चिकित्सालय में बाह्य रोगी विभाग जिसमें मेडिसिन, पंचकर्म, स्त्री एवं प्रसुती रोग, बाल रोग, कान, नाक, गला तथा सर्जरी विभाग है इसमें अतिरिक्त भर्ती योग्य मरीजों हेतु साठ शैय्या युक्त अतिरिक्त रोगी विभाग स्थापित किये गए हैं जिनकी विभागानुसार शैय्या की संख्या रखी गई हैं।

चिकित्सालय में आपातकालीन चिकित्सा की भी व्यवस्था हैं साथ ही चिकित्सालय परिसर में ही दवाई, खुन पेशाब जांच हेतु पैथोलॉजी, फिजियोथैरेपी एम्बूलेंश भी न्युनतम दरें उपलब्ध हैं।

बाह्य रोगी विभाग में विशेषज्ञ चिकित्सा द्वारा उपचार एवं परामर्श तथा भर्ती योग्य मरीजों की भर्ती कर उपचार किया जाता हैं। प्रबंध निदेशक आर. साहू. ने बताया कि प्रतिमाह सैकड़ों शासकीय सेवक तथा उनके आश्रित परिजनों का उपचार किया जाता है ।

शासन द्वारा राजीव लोचन आयुर्वेद चिकित्सालय को चिकित्सा प्रतिपूर्ति हेतु मान्यता प्रदान करने पर उनकों चिकित्सा प्रतिपूर्ति का लाभ मिलेगा तथा चिकित्सा में होने वाले खर्चे न्यूनतम हो जायेगा। उन्होने बताया कि चिकित्सालय चौबीस घंटे सातों दिन खुला रहता हैं तथा गंभीर मरीजों को त्वरित इलाज प्रदान करने के लिए आधुनिक चिकित्साओं की भी सेवाएं ली जाती हैं।

उन्होंने बताया कि जीर्ण रोगों का उपचार हेतु मरीजों को कुछ दिनों तक भर्ती रहना होता है इस लिए मरीजों एवं उनमें एक सहायक के ठहरने एवं उनकें भोजन की भी व्यवस्था की चिकित्सालय परिसर में की गई हैं।

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