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प्रधानमंत्री मोदी दो दिवसीय जॉर्डन दौरे पर 15 दिसंबर होंगे रवाना, वहां से इथियोपिया भी जाएंगे

यात्रा के दूसरे चरण में पीएम मोदी इथियोपिया के प्रधानमंत्री डॉ. अबीय अहमद अली के निमंत्रण पर 16–17 दिसंबर, 2025 को इथियोपिया का दौरा करेंगे। यह प्रधानमंत्री मोदी की प्रथम इथियोपिया यात्रा होगी। पीएम मोदी, प्रधानमंत्री डॉ. अबीय अहमद अली के साथ भारत–इथियोपिया द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर व्यापक चर्चा करेंगे…

 

नईदिल्ली (ए)। जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय बिन अल हुसैन के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 15–16 दिसंबर, 2025 को जॉर्डन का दौरा करेंगे। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री भारत और जॉर्डन के बीच सभी प्रकार के संबंधों की समीक्षा करने और क्षेत्रीय मुद्दों पर वैचारिक आदान-प्रदान करने के लिए किंग अब्दुल्ला द्वितीय बिन अल हुसैन से मुलाकात करेंगे।

प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर पीएम मोदी की यह यात्रा भारत-जॉर्डन द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने, साझा विकास और समृद्धि के नए अवसर तलाशने तथा क्षेत्रीय शांति, समृद्धि, सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराने का अवसर प्रस्तुत करती है।

वहीं, यात्रा के दूसरे चरण में पीएम मोदी इथियोपिया के प्रधानमंत्री डॉ. अबीय अहमद अली के निमंत्रण पर 16–17 दिसंबर, 2025 को इथियोपिया का दौरा करेंगे। यह प्रधानमंत्री मोदी की प्रथम इथियोपिया यात्रा होगी। पीएम मोदी, प्रधानमंत्री डॉ. अबीय अहमद अली के साथ भारत–इथियोपिया द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर व्यापक चर्चा करेंगे। ग्लोबल साउथ के साझेदारों के रूप में, यह यात्रा दोनों देशों की मित्रता एवं द्विपक्षीय सहयोग को और प्रगाढ़ बनाने की साझा प्रतिबद्धता को दोहराएगी।

इसके बाद, यात्रा के अंतिम चरण में पीएम मोदी ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक के निमंत्रण पर 17–18 दिसंबर, 2025 को ओमान का दौरा करेंगे। यह प्रधानमंत्री मोदी की ओमान की दूसरी यात्रा होगी।

गौरतलब हो, भारत और ओमान के बीच व्यापक सामरिक भागीदारी है, जो सदियों पुरानी मित्रता, व्यापारिक संबंधों और जनता के बीच मजबूत संबंधों पर आधारित है। पीएम मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 70 वर्ष पूरे होने पर तथा ओमान के महामहिम सुल्तान के दिसंबर 2023 में भारत के राजकीय दौरे के बाद हो रही है।

यह यात्रा दोनों पक्षों के लिए व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रक्षा, सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, कृषि और संस्कृति के क्षेत्रों सहित द्विपक्षीय साझेदारी की व्यापक समीक्षा करने के साथ ही साथ क्षेत्रीय और वैश्विक हितों के मुद्दों पर वैचारिक आदान-प्रदान करने का अवसर प्रस्तुत करेगी।

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