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महात्मा गांधी की मूर्ति चोरी: 426 किलो वजनी कांस्य प्रतिमा को काटकर ले गए चोर, जांच में जुटी पुलिस

यह घटना सोमवार को लगभग दोपहर 12:50 बजे हुई। पुलिस के मुताबिक, तीन अपराधियों ने प्रतिमा को उसके फाउंडेशन से काटने के लिए एंगल ग्राइंडर का इस्तेमाल किया। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में प्रतिमा को टखनों से कटे हुए देखा जा सकता है और स्थल पर अब केवल पैरों के अवशेष ही बचे हैं। प्रतिमा की चोरी की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है…

 

नईदिल्ली (ए)। ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में महात्मा गांधी की 426 किलोग्राम वजनी कांस्य प्रतिमा चोरी हो गई है। यह प्रतिमा ऑस्ट्रेलियन इंडियन कम्युनिटी सेंटर के बाहर लगी थी और भारतीय समुदाय के लिए सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और प्रतीकात्मक महत्व रखती थी। इस घटना ने भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय में गहरी चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है। भारत ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों के समक्ष उठाया है और तुरंत कार्रवाई कर प्रतिमा की वापसी और जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान की मांग की है।

विदेश मंत्रालय के अधिकारी और आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 3 फरवरी 2026 को मीडिया से बातचीत में कहा हम गांधी प्रतिमा के विनाश और चोरी की कड़ी निंदा करते हैं। यह प्रतिमा रोवविले, मेलबर्न के ऑस्ट्रेलियाई भारतीय कम्युनिटी सेंटर में स्थापित थी। हमने ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों से आग्रह किया है कि इस चोरी की तत्काल जांच हो, प्रतिमा को वापस लाया जाए और दोषियों को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़े।

इस प्रतिमा को नई दिल्ली स्थित इंडियन काउंसिल फॉर कल्चरल रिलेशंस (ICCR) ने ऑस्ट्रेलिया को उपहार में दिया था। इसका उद्घाटन 12 नवंबर 2021 को ऑस्ट्रेलिया के तत्कालीन प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने किया था। उद्घाटन के 24 घंटे के भीतर ही अज्ञात लोगों ने प्रतिमा में तोड़फोड़ की थी।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना सोमवार को लगभग दोपहर 12:50 बजे हुई। मेलबर्न पुलिस के मुताबिक, तीन अपराधियों ने प्रतिमा को उसके फाउंडेशन से काटने के लिए एंगल ग्राइंडर का इस्तेमाल किया। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में प्रतिमा को टखनों से कटे हुए देखा जा सकता है और स्थल पर अब केवल पैरों के अवशेष ही बचे हैं। प्रतिमा की चोरी की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस वारदात के पीछे कौन है और प्रतिमा कहां है।

महात्मा गांधी की प्रतिमा के साथ इस तरह का व्यवहार दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और कूटनीतिक संबंधों के लिए संवेदनशील मुद्दा बन गया है। भारतीय समुदाय और विदेश मंत्रालय ने इसे लेकर तुरंत कदम उठाने पर जोर दिया है।

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