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कारोबारी से दो लाख रुपए लूटने वाले दो पुलिसकर्मी नौकरी से बर्खास्त, दो सहयोगी के साथ चारों भेजे गए जेल

आरोपियों ने व्यापारी को निशाना बनाया था। आरोप है कि चारों ने मिलकर व्यापारी से करीब 2 लाख रुपए नकद और 4500 यूएसडीटी (क्रिप्टोकरेंसी) जबरन ट्रांसफर कराई थी। घटना सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने तुरंत जांच शुरू की थी। शुरुआती जांच में पहले सोहेल और नावेद को आरोपी बनाया गया था…

 

 

इंदौर (ए)। इंदौर के पलासिया रिंग रोड क्षेत्र में लूट की वारदात को अंजाम देने वाले दो पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई विभागीय जांच के बाद की गई है, जिससे पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है। मामले में डीसीपी जोन-2 कुमार प्रतीक ने पुष्टि करते हुए बताया कि एमआईजी थाना में पदस्थ आरक्षक क्रमांक 3512 अविनाश चंद्रवंशी और आरक्षक क्रमांक 2217 मनोज मालवीय को शुक्रवार को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। दोनों पुलिसकर्मियों पर आरोप है कि उन्होंने अपने दो साथियों सोहेल और नावेद के साथ मिलकर एक व्यापारी से लूट की वारदात को अंजाम दिया।

मिली जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने अब्दुल फहद नामक व्यापारी को निशाना बनाया था। आरोप है कि चारों ने मिलकर व्यापारी से करीब 2 लाख रुपए नकद और 4500 यूएसडीटी (क्रिप्टोकरेंसी) जबरन ट्रांसफर कराई थी। घटना सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने तुरंत जांच शुरू की थी। शुरुआती जांच में पहले सोहेल और नावेद को आरोपी बनाया गया था।

इसके बाद पुलिस को संदेह हुआ कि इस वारदात में पुलिसकर्मियों की भी भूमिका हो सकती है। गहन जांच और सबूत मिलने के बाद दूसरे दिन आरक्षक अविनाश चंद्रवंशी और मनोज मालवीय को भी आरोपी बनाकर कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए थे। बताया जा रहा है कि दोनों पुलिसकर्मियों पर पहले भी गंभीर आरोप लग चुके हैं, जिसके चलते विभाग पहले से ही उनकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए था। इस पूरे मामले के सामने आने के बाद पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

डीसीपी कुमार प्रतीक ने कहा कि पुलिस विभाग में अनुशासन सर्वोपरि है और किसी भी कर्मचारी द्वारा कानून का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग की छवि खराब करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। इस घटना ने शहर में पुलिस की विश्वसनीयता पर असर डाला है, वहीं प्रशासन ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि कानून तोड़ने वालों पर कार्रवाई बिना भेदभाव के की जाएगी। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और पुलिस अन्य पहलुओं को भी खंगाल रही है।

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