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ACB कार्यवाही का भय बताकर केस रफा-दफा करने 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते तहसील कार्यालय का बाबू गिरफ्तार

रायपुर। प्रार्थी अखिलेश कुमार सोनी, पिता सुगंध प्रसाद सोनी, उम्र 51 वर्ष कारमेल स्कूल के पीछे, नमनाकला, अम्बिकापुर जिला सरगुजा के द्वारा दिनांक 12.03.2026 को इस आशय का शिकायत पत्र प्रस्तुत किया गया कि वह शिक्षा विभाग अंतर्गत जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय अम्बिकापुर में सहायक ग्रेड- 02 के पद पर पदस्थ है।

दिनांक 10.03.2026 को अनिल कुमार गुप्ता द्वारा प्रार्थी को कॉल कर मिलने के लिये बुलाया गया और कहा गया कि तुम्हारे विरूद्ध एसीबी में शिकायत है एसीबी अम्बिकापुर के द्वारा तुम्हे कभी भी ट्रेप किया जा सकता है या तुम्हारे घर में छापा मारा जा सकता है यदि आपको एसीबी की कार्यवाही से बचना है तो 2 लाख रूपये की व्यवस्था करना पड़ेगा मेरा भतीजा एसीबी में कार्यरत है जिसके माध्यम से मैं आपका केस को रफा-दफा करा दूंगा। यह कह कर एसीबी की कार्यवाही का भय दिखाया गया।

प्रार्थी के शिकायत का सत्यापन कराया गया, जिसमें आरोपी अनिल कुमार गुप्ता सहायक ग्रेड-02, तहसील कार्यालय दरिमा, जिला सरगुजा के द्वारा बताया गया कि उसके द्वारा पूर्व में एक केस को 2 लाख में निपटवाया हूँ आपको भी 2 लाख रूपये देना पड़ेगा जिसपर प्रार्थी द्वारा 2 लाख रूपये देने में असमर्थता जाहिर की गई तथा 1 लाख रूपये में केस निपटवाने की बात कही गई जिसपर आरोपी अनिल गुप्ता के द्वारा 1 लाख रूपये में काम कराने की सहमति दी गई।

दिनांक 20.03.2026 को ट्रेप आयोजित किया गया तथा आरोपी अनिल कुमार गुप्ता के द्वारा प्रार्थी को जिला ग्रंथालय अम्बिकापुर के पास रिश्वती रकम 1 लाख रूपये के साथ बुलाया गया जहां प्रार्थी द्वारा 1 लाख रूपये रखे हुए लिफाफे को आरोपी अनिल कुमार गुप्ता को दिया गया जिसे उसके द्वारा प्राप्त कर अपने मोटर सायकल के डिक्की में रख लिया गया था।

प्रार्थी के इशारा किये जाने पर ट्रेपदल के सदस्यों के द्वारा आरोपी अनिल कुमार गुप्ता पिता बागरसाव गुप्ता, उम्र 61 वर्ष, सहायक ग्रेड-02, तहसील कार्यालय दरिमा, जिला सरगुजा, निवासी-नशामुक्ती केन्द्र के सामने, केदारपुर अम्बिकापुर जिला सरगुजा को रिश्वती रकम 1 लाख रूपये सहित रंगे हाथों पकड़ा गया।

आरोपी से 1,00,000/ रुपये बरामद किया जाकर जप्ती की कार्यवाही की गई है। आरोपी के विरूद्ध धारा 7 पीसीएक्ट 1988 (यथा संशोधन 2018) एवं 308(2) भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत् कार्यवाही की जा रही है।

प्रार्थी के खिलाफ एसीबी अम्बिकापुर में कोई शिकायत दर्ज नहीं है और ना ही आरोपी का कोई भतीजा एसीबी अम्बिकापुर में कार्यरत है। आरोपी के द्वारा एसीबी का भय दिखाकर स्वयं के लिये रिश्वती रकम 1 लाख रूपये मांग कर प्राप्त किया गया है।

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