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जेवर से उड़ी ‘नए भारत’ की उड़ान, प्रधानमंत्री मोदी ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन किया। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस यह एयरपोर्ट भविष्य में एशिया का सबसे बड़ा एविएशन हब बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है…

 

लखनऊ (ए)। उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विस्तार को नई दिशा देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार दोपहर जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन किया। यह एयरपोर्ट देश का सबसे बड़ा और एशिया के प्रमुख एयरपोर्ट्स में शामिल होने जा रहा है।

करीब 11 हजार करोड़ रुपये की लागत से विकसित इस परियोजना के पहले चरण में 3300 एकड़ में टर्मिनल और एक रनवे तैयार किया गया है। इसकी सालाना यात्री क्षमता लगभग 3 करोड़ होगी। चारों चरण पूरे होने पर 2040 तक यह एयरपोर्ट एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने की क्षमता रखता है, जो वर्तमान में बीजिंग डैक्सिंग इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास है।

एयरपोर्ट की एक खास विशेषता यह है कि यात्रियों को प्रवेश से बोर्डिंग तक की प्रक्रिया 20 मिनट से कम समय में पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार, यहां से नियमित उड़ान सेवाएं मई 2026 से शुरू होने की संभावना है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि यह एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास का नया इंजन बनेगा। गाजियाबाद, मेरठ, आगरा, मथुरा और बुलंदशहर जैसे शहरों को इससे सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना किसानों, लघु उद्योगों और युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगी।

पीएम ने इसे “विकसित यूपी-विकसित भारत अभियान” का नया अध्याय बताते हुए युवाओं को देश के भविष्य की ताकत बताया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य ने 2002 से 2017 के बीच विकास की कमी झेली, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में तेज गति से बुनियादी ढांचा विकसित हुआ है। उन्होंने इस एयरपोर्ट को “डबल इंजन सरकार” की विकास गति का उदाहरण बताया।

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजारापु ने कहा कि दिल्ली के बढ़ते दबाव को देखते हुए जेवर एयरपोर्ट देश के लिए दूसरी ‘एविएशन धड़कन’ साबित होगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से “उड्डयन हब” के रूप में उभर रहा है।

महत्व क्यों है? उत्तर भारत में एविएशन ट्रैफिक का दबाव कम होगा। पश्चिमी यूपी में निवेश और रोजगार बढ़ेगा। अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी। लॉजिस्टिक्स और उद्योगों को मिलेगा बड़ा फायदा

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