साक्षात्कार
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महिला दिवस पर विशेष: 70 वर्ष बाद भी जारी है नारी की बदहाली…
कानपुर (ब्लॉगर: आकांक्षा सक्सेना) सबकुछ बदला पर सोच नही, सब कुछ पाया पर प्रेम नही, सब कुछ मांगा पर बेटी…
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नारी ही सकती है नर की,नारी ही शक्ति है घर की: प्रीति श्रीवास्तव
दुर्ग (सारनाथ एक्सप्रेस): विवाह के पश्चात महिलाओं पर बहुत जिम्मेदारियां आ जाती है। पति, सास-ससुर, देवर-ननद के साथ ही साथ…
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बेटियों को पढ़ाओ और इन्हें आगे बढ़ाओ: पार्षद श्रद्धा सोनी..
दुर्ग (सारनाथ एक्सप्रेस): हमारे समाज मे बेटियों को पढ़ाते नही है। ऐसी कई लडकियां है जो अभाव बस बहुत कम…
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महिलाओं के बिना बेहतर समाज की कल्पना नहीं की जा सकती : गीतू परमानंद
भिलाई (सारनाथ एक्सप्रेस): घर परिवार समाज और दुनिया बिना महिलाओं के संभव नहीं हो सकती। इनके बिना समाज की कोई…
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महिला ही परिवार और समाज का केंद्र बिंदु है: शीतल सरवैया
दुर्ग (सारनाथ एक्सप्रेस): ईश्वर ने स्त्री को अत्यंत स्नेह के प्रतीक के रूप में बनाया है जो न केवल अपने…
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सुयोग्य महिला परिवार की शोभा तथा घर की लक्ष्मी है: ऋतु विश्वकर्मा
दुर्ग (सारनाथ एक्सप्रेस)। महिला उस वृक्ष की भांति है जो विषम परिस्थितियों में भी खड़े रहते हुए राहगीरों को छाया…
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महिलाएं किसी पर भी आँख बंद करके भरोसा न करे : स्मिता सिंह
भिलाई (सारनाथ एक्सप्रेस): मिली है जिंदगी, तो कोई मकसद भी रखिए, सिर्फ सांसें लेकर, वक्ता गंवाना ही तो जिंदगी नहीं यह कहना…
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महिलाएं समाज के निर्माण की आधार होती हैं : सविता गुप्ता
रायपुर (सारनाथ एक्सप्रेस): जहां लड़कियों को रात में घर से बाहर जाने एलाऊ नहीं था। तब मैंने घरवालों को समझा-बुझाकर…
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निर्दोषों की मदद करना ही मेरा उद्देश्य : अधिवक्ता शीतल सोनी..
बिलासपुर (सारनाथ एक्सप्रेस): अपने सपनों को पूरा करने में उम्र कभी बाधक नहीं होती, जरुरत है तो बस सच्ची लगन…
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एक सही समय में की गई पढ़ाई इंसान को आगे ले जाती है : सुरभि पाण्डेय
रायपुर (सरनाथ एक्सप्रेस)आज मैं जो कुछ भी हु वो मेरी मम्मी, मेरी बड़ी बहन और मेरी बड़ी बेटी के बदौलत…
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