खास खबरदेश-दुनियाफीचर्ड

जॉन जे. हॉपफील्ड और जेफ्री ई. हिंटन को मिला भौतिकी का नोबेल पुरस्कार

इससे पहले सोमवार को फिजियोलॉजी या मेडिसिन क्षेत्र के लिए इस सम्मान के विजेताओं के नाम का एलान किया गया था। इस साल अमेरिका के विक्टर एंब्रोस और गैरी रुवकुन को चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार के लिए चुना गया। दोनों को माइक्रो आरएनए की खोज के लिए यह सम्मान दिया गया…

 

नईदिल्ली (ए)। साल 2024 के नोबेल पुरस्कारों के तहत भौतिकी क्षेत्र के लिए अवॉर्ड का एलान मंगलवार को कर दिया गया। रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने जॉन जे. हॉपफील्ड और जेफ्री ई. हिंटन को भौतिकी का नोबेल पुरस्कार देने का फैसला किया। इन्हें कृत्रिम तंत्रिका नेटवर्क के साथ मशीन लर्निंग को सक्षम करने वाली मूलभूत खोजों और आविष्कारों के लिए यह पुरस्कार देने का फैसला किया गया है।

इससे पहले सोमवार को फिजियोलॉजी या मेडिसिन क्षेत्र के लिए इस सम्मान के विजेताओं के नाम का एलान किया गया था। इस साल अमेरिका के विक्टर एंब्रोस और गैरी रुवकुन को चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार के लिए चुना गया। दोनों को माइक्रो आरएनए की खोज के लिए यह सम्मान दिया गया।

इससे पहले इस श्रेणी में पिछले साल यानी 2023 का नोबेल प्राइज संयुक्त रूप से पियरे ऑगस्टिनी, फेरेंस क्राउसज और एनी एल’हुलियर को दिया गया था। इलेक्ट्रॉन्स पर अध्ययन के लिए यह सम्मान दिया गया था। अवॉर्ड उन प्रायोगिक तरीकों के लिए दिया गया था, जिसमें पदार्थ में इलेक्ट्रॉन की गतिशीलता के अध्ययन के लिए प्रकाश के एटोसेकंड पल्स उत्पन्न किए गए। एनी हुलियर फिजिक्स के इस क्षेत्र में नोबेल जीतने वाली पांचवीं महिला बनी थीं।

2022 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार संयुक्त रूप से अलेन अस्पेक्ट, जॉन एफ क्लाउसर और एंटन जिलिंगर को दिया गया था। अलेन अस्पेक्ट फ्रांस के भौतिक विज्ञानी हैं, जबकि जॉन एफ क्लाउसर अमेरिका और एंटन जिलिंगर ऑस्ट्रिया के वैज्ञानिक हैं। इन वैज्ञानिको के प्रयोगों ने क्वांटम सूचना के आधार पर नई तकनीक का रास्ता साफ किया था।

पिछले साल स्यूकुरो मानेबे, क्लॉस होसेलमैन और जियोर्जियो पेरिसी को भौतिकी के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उन्हें यह पुरस्कार जटिल भौतिक प्रणालियों को लेकर हमारी समझ में विकसित करने के लिए दिया गया था।  स्यूकुरो मानेबे और क्लॉस होसेलमैन ने यह पुरस्कार ‘धरती की जलवायु की भौतिक मॉडलिंग’ और ‘ग्लोबल वार्मिंग की भविष्यवाणी’ को मजबूत करने के लिए जीता था। वहीं पेरिसी को ‘परमाणु से ग्रहों के पैमाने तक ‘भौतिक प्रणालियों में उतार-चढ़ाव की क्रिया के खोज के लिए’ नोबल से सम्मानित किया गया था।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button