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रक्षाबंधन पर मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला, पीएम उज्ज्वला योजना के तहत 12000 करोड़ रुपये की मंजूरी

केंद्रीय कैबिनेट ने तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) को 30,000 करोड़ रुपये की एलपीजी सब्सिडी को मंजूरी दी है। सरकार ने रक्षाबंधन से पहले पीएम उज्ज्वला योजना के लिए 12,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी को भी मंजूरी दे दी है। सूचना व प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। आइए जानते हैं केंद्रीय कैबिनेट में लिए गए फैसलों के बारे में विस्तार से…

 

नईदिल्ली (ए)। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के तहत 2025-26 के लिए 12,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी को मंजूरी दे दी। रक्षाबंधन से ठीक पहले लिए गए इस फैसले से 10.33 करोड़ परिवारों को लाभ मिलेगा। इसके साथ ही केंद्र की मोदी कैबिनेट ने तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) को 30,000 करोड़ रुपये की एलपीजी सब्सिडी को मंजूरी दे दी है। सूचना व प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को कैबिनेट में लिए इन फैसलों की जानकारी दी।

देश भर के गरीब परिवारों की वयस्क महिलाओं को मुफ़्त एलपीजी कनेक्शन प्रदान करने के लिए मई 2016 में पीएमयूवाई योजना शुरू की गई थी। 1 जुलाई तक, भारत में लगभग 10.33 करोड़ पीएमयूवाई कनेक्शन हैं।

सरकार की ओर से एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के लाभार्थियों को प्रति वर्ष 9 रिफिल (और 5 किलोग्राम सिलेंडर के लिए आनुपातिक रूप से) के लिए 14.2 किलोग्राम सिलेंडर पर 300 रुपये की सब्सिडी को मंजूरी दी है। इस पर 12,000 करोड़ रुपये का व्यय होगा।” भारत अपनी एलपीजी आवश्यकता का लगभग 60 प्रतिशत आयात करता है।

कैबिनेट बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना को समावेशी विकास के लिए विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का उद्देश्य जनता के जीवन में बदलाव लाना है। अब तक 10.33 करोड़ उज्ज्वला कनेक्शन दिए जा चुके हैं। कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पीएम उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए 12,060 करोड़ रुपये की सहायता को मंजूरी दी है।

 

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