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DGCA ने स्पाइसजेट के PIC का लाइसेंस 6 महीने के लिए किया रद्द, जानिए क्या है पूरा मामला?

जांच का काम पूरा होने के बाद डीजीसीआई ने पायलट-इन-कमांड का लाइसेंस 6 महीने तक निलंबित करने का फैसला किया है, डीजीसीए की जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि पायलट-इन-कमांड ने अपने को-पायलट की सूचना को नजरअंदाज कर दिया, जिसकी वजह से विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया….

नईदिल्ली (ए)। नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने स्पाइसजेट के पायलट-इन-कमांड (PIC) का लाइसेंस 6 महीने के लिए निलंबित कर दिया है। पिछली 1 मई को मुंबई से दुर्गापुर जाने वाले बोइंग बी737 विमान की लैंडिंग के वक्त तूफान में फंसकर विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें कई यात्रियों को चोटें आई थीं. इस घटना के बाद डीजीसीआई ने 2 मई को घटना की जांच के आदेश दिए थे. सूत्रों ने बताया कि जांच का काम पूरा होने के बाद डीजीसीआई ने पायलट-इन-कमांड का लाइसेंस 6 महीने तक निलंबित करने का फैसला किया है. डीजीसीए की जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि पायलट-इन-कमांड ने अपने को-पायलट की सूचना को नजरअंदाज कर दिया, जिसकी वजह से विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से ट्वीट किया है कि नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने स्पाइसजेट के पायलट-इन-कमांड (PIC) का लाइसेंस 6 महीने के लिए निलंबित कर दिया है. पिछली 1 मई को मुंबई से दुर्गापुर जाने वाले बोइंग बी737 विमान की लैंडिंग के वक्त विमान तूफान में फंसकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें कई यात्रियों को चोटें आई थीं।

स्पाइसजेट के प्रवक्ता ने एक मई को विमान दुर्घटना के बाद दिए गए बयान में जानकारी दी थी कि मुंबई से दुर्गापुर के लिए उड़ान भरने वाले स्पाइसजेट बोइंग बी737 विमान एसजी-945 लैंडिंग के समय तूफान में फंसकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे कुछ यात्रियों को चोटें आईं. दुर्गापुर पहुंचने पर तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान की गई. उन्होंने कहा कि स्पाइसजेट इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर खेद व्यक्त करती है और घायलों को हर संभव चिकित्सा सहायता प्रदान की गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त बताया कि विमान का तूफान में फंसने के साथ ही सीट बेल्ट लगाने की अनाउंसमेंट के बाद फूड सर्विस बंद कर दी जानी चाहिए थी. सभी यात्रियों को अपनी सीटों पर वापस जाना चाहिए था, जो घटना के समय सुनिश्चित नहीं किया गया. इस विमान में सवार 40 यात्री सवार थे, जिसमें से 11 लोगों को चोटें आई थीं।

 

मुंबई से दुर्गापुर के लिए उड़ान भरने वाले स्पाइसजेट बोइंग बी737 विमान एसजी-945 का तूफान में फंसकर दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना के बाद डीजीसीए ने दो मई मामले की जांच का आदेश दिया. डीजीसीए के एक अधिकारी ने कहा कि जांच करने और जल्द से जल्द एक रिपोर्ट जमा करने के लिए एक टीम का गठन किया गया. सूत्रों ने मीडिया को बताया कि डीजीसीए की जांच में स्पाइसजेट का पायलट-इन-कमांड दोषी पाया गया, जिसके खिलाफ कार्रवाई करने का फैसला किया गया. डीजीसीए की जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि पायलट-इन-कमांड ने अपने को-पायलट की सूचना को नजरअंदाज कर दिया, जिसकी वजह से विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

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