दुर्ग-भिलाईफीचर्ड

छत्तीसगढ़ भोजपुरी परिषद ने पीएम मोदी ने नाम दुर्ग कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, भाषाई बीमारी खत्म करने की मांग

दुर्ग। छत्तीसगढ़ भोजपुरी परिषद ने मंगलवार को दुर्ग कलेक्टर के माध्यम से संयुक्त कलेक्टर एस. थामस को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। जिसमें महाराष्ट्र राज्य में भाषा और बोली को लेकर चल रहे जंग के विषय पर लिखा गया है।

दिए गए ज्ञापन में लिखा है कि…देश के महाराष्ट्र राज्य में भाषा और बोली को लेकर जंग चल रहा है। देश के हर क्षेत्र में क्षेत्रवाद, पूंजीवाद, भाषावाद यहां तक की जातिगद और धर्मवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है। भारत दुनिया का इकलौता देश है जो भिन्न-भिन्न प्रकार के समस्याओं से घिरा पड़ा है, लगभग 700 साल तक गुलामी झेलने के बावजूद भी लोग भूल गए हैं हिंदुस्तान की आजादी के लिए जिन-जिन महापुरुषों ने अपने प्राणों की बलि दी है वे आज शर्मिंदगी महसूस कर रहे होंगे।

आगे लिखा है कि प्रधानमंत्री आप दुनिया के इकलौते नेता आप ही है जो हर समस्या का निराकरण कर सकते हैं। क्षेत्रवाद, आषावाद, जातिवाद, धर्मवाद एक बहुत बड़ी बीमारी हो चुकि है जिसे आप ही दूर कर सकते हैं, भारत में अब जरुरी हो चुका है देश में एक भाषा हो. चाहे इसके लिए कुछ भी करना पड़े। महाराष्ट्रीयन भाषा से किसी भी आदमी को एलर्जी नहीं है हर व्यक्ति क्षेत्रीय बोली को सीखना चाहता है धीरे-धीरे व्यक्ति जहां पर भी रहता है क्षेत्रीय बोलियां लोग सिख जाते हैं।

भाषा को हथियार बनाकर बाहरी और भीतरी का विवाद खड़ा करना बहुत शर्म की बात है, ऐसे नेताओं पर प्रतिबंध लगना चहिए जो देश के लिए खतरा सबित हो, देश में जाति और धर्म को लेकर भी बहुत बड़ा खतरा महसूस होने लगा है, देश में एक भाषा का होना बहुत ही जरूरी है, हमारी इसी सिद्धांत के चलते देश गुलाम रहा, ऐसे ही नेता देश को फिर से गुलाम बनाना चाहते हैं इनके ऊपर कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए, अपने फायदे के लिए लोगों को लड़वाना इनकी फितरत हो चुकी है।

इन नेताओं पट प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए ये देश के लिए घातक है, इनकी रोजी रोटी इसी विवाद से चलती है, जरा सोचिए अगर हर प्रदेश में ये भाषा जैसी बीमारी लग जाए तो क्या होगा। आपसे निवेदन है इस भाषाई बीमारी को दूर कर इन भाषाई आतंकियों को कड़ी से कड़ी सजा दे ताकि किसी और प्रदेश में इस तरह की बीमारी न लग सके।

जिसमें प्रमुख रुप से परिषद के प्रदेश अध्यक्ष प्रभुनाथ बैठा, परिषद के कानूनी सलाहकार गणेश शुक्ला, ओपी रजक, देवकुमार जी, किशन चौहरिया, रिंकेश शर्मा, सुरेश निर्मलकर, गणेश निर्मलकर मौजूद रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button