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नई पुनर्वास नीति का असर: 10 लाख के इनामी नक्सली दंपत्ति ने पुलिस के समक्ष किया आत्मसमर्पण

आत्मसमर्पित नक्सली रमेश उर्फ मेस्सा बोड़ला एरिया कमेटी विस्तार प्लाटून नंबर 3 के डिप्टी कमांडर के पद पर था, उसकी पत्नी रोशनी उर्फ हिड़में बोड़ला एरिया कमेटी विस्तार प्लाटून नंबर 3 की सदस्य के रूप में कार्यरत थी…

 

कवर्धा। मुख्यमंत्री छग शासन विण्णुदेव साय एवं माननीय उपमुख्यमंत्री (गृह मंत्री) विजय शर्मा द्वारा छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद के खात्मे हेतु आत्मसमर्पित नक्सलियों के बेहतर पुनर्वास हेतु नई आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीती की घोषण से प्रभावित होकर 10 लाख ईनामी नक्सली दंपत्ति ने कबीरधाम पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर शासन प्रशासन एवं संविधान पर जताया विश्वास।

कबीरधाम जिले में पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के नेतृत्व में चलाये जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान को मिली एक और सफलता। आत्मसमर्पित नक्सली रमेश उर्फ मेस्सा बोड़ला एरिया कमेटी विस्तार प्लाटून नंबर 3 के डिप्टी कमांडर के पद पर था, उसकी पत्नी रोशनी उर्फ हिड़में बोड़ला एरिया कमेटी विस्तार प्लाटून नंबर 3 की सदस्य के रूप में कार्यरत थी।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आत्मसमर्पित नक्सलियों के समुचित पुनर्वास एवं अन्य सुविधा उपलब्ध कराने हेतु पुलिस एवं प्रशासन को दिए निर्देश।

दोनों आत्मसमर्पित नक्सली, कुख्नयात नक्सली कमांडर हिडमा के गाँव पूवर्ती के रहने वाले है। पुलिस अधीक्षक ने पुष्पगुच्छ देकर मुख्यधारा में लौटने हेतु किया स्वागत.

पुलिस महानिरीक्षक राजनंदगांव रेंज दीपक कुमार झा के मार्गदर्शन में जिला कबीरधाम में पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के नेतृत्व में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र बघेल एवं पंकज पटेल, डीएसपी नक्सल ऑप्स संजय ध्रुव एवं कृष्ण कुमार चंद्राकर के पर्यवेक्षण में चलाये जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत पुलिस बल द्वारा लगातार भटके हुए नक्सलियों से संपर्क एवं संवाद किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ शासन की ‘‘नई नक्सल आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति’’ और जिले में चलाये जा रहे नक्सल अभियान के कारण नक्सलियों के हिंसक और शोषणकारी विचारधारा से तंग आकर कई माओवादी समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय ले रहे हैं। बस्तर क्षेत्र के साथ साथ कबीरधाम जिले में इसका व्यापक असर देखने को मिल रहा है।

इस अभियान से प्रेरित होकर 5-5 लाख रुपए के ईनामी नक्सली दंपत्ति रमेश उर्फ मेस्सा (डिप्टी कमांडर, बोड़ला एरिया कमेटी विस्तार प्लाटून नंबर 3) और उसकी पत्नी रोशनी उर्फ हिड़में (सदस्य, बोड़ला एरिया कमेटी विस्तार प्लाटून नंबर 3) ने दिनांक 18.01.2025 को कबीरधाम पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। इन दोनों पर थाना तरेगांव में दर्ज 2-2 नक्सल अपराध दर्ज हैं।

’रमेश उर्फ मेस्सा’ ने नक्सली संगठन में डिप्टी कमांडर के रूप में काम करते हुए कई हिंसक गतिविधियों को अंजाम दिया था एवं पुलिस के साथ मुठभेड़ में शामिल रहा वह संगठन में रहने के दौरान एस एल आर राइफल धारी रहा है। वहीं, ’रोशनी उर्फ हिड़में’ संगठन की प्रशिक्षित सदस्य थी, जो नक्सली हिंसा में सक्रिय भूमिका निभाती रही तथा संगठन में इन्सास राइफल धारी थी। दोनों ने संगठन में व्याप्त आंतरिक संघर्ष, अमानवीय व्यवहार, स्थानीय आदिवासियों पर अत्याचार, और जंगलों में जीवन की कठिनाईयों से परेशान होकर आत्मसमर्पण का निर्णय लिया।

आत्मसमर्पण की इस प्रक्रिया में कबीरधाम पुलिस और उनके अधिकारियों का योगदान अत्यंत सराहनीय है। आत्मसमर्पित नक्सली दंपत्ति को छत्तीसगढ़ शासन की ‘‘पुनर्वास नीति’’ के तहत दोनों को पृथक-पृथक 25,000-25,000 रुपये (कुल 50,000 रुपये) की प्रोत्साहन राशि तत्काल नगद प्रदान की गई। इसके साथ ही भविष्य में 3 वर्ष तक 10,000 रुपये मासिक स्टाइपेंड राशि, निःशुल्क आवास एवं भोजन, स्किल डेवलपमेंट हेतु प्रशिक्षण, कृषि भूमि और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

अब तक जिले में 8 ईनामी नक्सलियों सहित कुल 9 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं और समाज की मुख्यधारा में जुड़ चुके हैं।

आत्मसमपर्ण में जिला विशेष शाखा कबीरधा में कार्यरत प्रधान आरक्षक 405 घनाराम सिन्हा, प्रधान आर 417 अभिजीत सिंह, आरक्षक 593कृपाराम मेरवी, नव आरक्षक 255लिब्रू उर्फ दिवाकर, नवरक्षक 581 करन हेमला आर 847 राय सिंह का योगदान रहा।

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