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जनजाति समाज सनातन संस्कृति का संरक्षक और अनुयायी : प्रफुल्ल आकांत

रायपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद छत्तीसगढ़ द्वारा “चौपाल” जनजाति छात्र गोठ का चार दिवसीय प्रांत स्तरीय ऑनलाइन आयोजन 3 जून से 6 जून 2020 तक किया गया। समापन समारोह के मुख्य वक़्ता अभाविप के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री प्रफुल्ल आकांत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित सभी छात्रो को संबोधित किया।

प्रफुल्ल आकांत ने कहा की चौपाल कार्यक्रम से दुनिया को छग के आदिवासी हस्तशिल्प कला को दिखाने का प्रयास किया गया हैं, संपूर्ण जनजाति समाज पुरातन काल से ही सनातनी रहा है और आज भी जनजाति समाज सनातन संस्कृति का संरक्षक और अनुयायी है। देश और समाज में जनजाति समाज की भ्रांति फैलाने वाले लोगों को चिन्हित करके उन्हें बेनकाब करने की आवश्यकता है। कुछ षड्यंत्रकारीओं द्वारा जनजाति समाज को खोखला करने में तुले हुए हैं, धर्मांतरण जैसे षड्यंत्र से समाज खोखला किया जा रहा तथा इसे अभी सजग होकर इस षड्यंत्र को रोकने का प्रयास करना है। बस्तर जैसे अंदरूनी क्षेत्रों में धर्मांतरण जोरों से चल रहा है और सरगुजा क्षेत्र में आदिवासी समुदाय में अधिकतर धर्मांतरण कराया जा रहा है आज के युवाओं को इस षड्यंत्र को रोकने हेतु आगे आना पड़ेगा। कुछ षड्यंत्रकारी आदिवासी समुदाय समुदाय को महिषासुर के वंशज हैं, ऐसा बोलकर गुमराह कर रहे हैं, आदिवासी समुदाय तो पुरातन सनातन धर्म से ही मां दुर्गा और भगवान राम के मानने वाले उनके पूर्वज मानते हैं।
इस कार्यक्रम का उद्घाटन बुधवार को केंद्रीय जनजाति कल्याण राज्यमंत्री रेणुका सिंह और राष्ट्रीय जनजाति छात्र कार्य प्रमुख जे राममोहन द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुआ था। इस ऑनलाइन कार्यक्रम में शिक्षा, रोजगार और नियुक्ति तथा जनजाति हस्तशिल्प कला के ऊपर वीडियो सेशन हुए। साथ ही रोल मॉडल सेशन सत्र में उप महाप्रबंधक भारतीय नौसेना, रक्षा मंत्रालय भारत सरकार के श्री लक्ष्मण सिंह मरकाम और अंतर्राष्ट्रीय वॉलीबॉल के खिलाड़ी सुश्री रेखा पदम उपस्थित थे, जिन्होंने खेल रोजगार के क्षेत्र में विशेष प्रकाश डाला।

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