दुर्ग-भिलाईफीचर्ड

बौद्ध समाज के प्रति बाबूजी का विशेष लगाव था, मेरा भी सदैव बना रहेगा : अरूण वोरा

भिलाई। बौद्ध समाज कोसानगर और रमा बाई महिला मंडल के संयुक्त तत्वावधान मे स्व. मोतीलाल वोरा पूर्व राज्यसभा सदस्य की निधि से निर्मित डा. बाबा साहेब आम्बेडकर सांस्कृतिक भवन का लोकार्पण समारोह सर्वोदय बुद्ध विहार कोसानगर मे पूज्य भंते डा. जीवक के धम्म सानिध्य व अरूण वोरा विधायक दुर्ग अध्यक्ष वेयर हाउस कार्पोरेशन छ.ग. के मुख्य आतिथ्य व तुलसी साहू अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग, अनिल मेश्राम प्रदेश अध्यक्ष दि बुद्धिष्ट सोसायटी आॅफ इंडिया छत्तीसगढ़, शमशेर बहादुर कांचा व मोहम्मद शादाब एल्डरमैन नगर निगम भिलाई, ज्ञानू बागड़े दुर्ग, अनिल साखरे, प्रमोद प्रभाकर, स्वप्निल जैन व मनीष जग्यासी के विशिष्ट आतिथ्य मे लोकार्पण समारोह संपन्न हुआ।
सर्वप्रथम मुख्य अतिथि अरूण वोरा द्वारा नीला फीता काटकर डा. आम्बेडकर सांस्कृतिक भवन का लोकार्पण किया गया उसके पश्चात भंते जीवक द्वारा बुद्ध धम्म संघ वंदना का पठन किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए विशेष अतिथि अनिल मेश्राम ने कहा कि बौद्ध समाज के प्रति बाबूजी का विशेष लगाव था, कोसानाला से कोसानगर के विकास मे स्व. वोरा जी का अहम योगदान रहा है उनकी सरलता सहजता सज्जनता और मिलनसारिता को कभी भुलाया नही जा सकता। तुलसी साहू ने कहा कि वोरा जी ने हर समाज के प्रति अपने स्नेह को सिंचित किया और सबके विकास के लिए कार्य किया। शमशेर बहादुर और शादाब ने भी वोरा जी को शालीनता और विकास का प्रतीक बताते हुए अरूण वोरा से भी सबसे प्रेम और सबका विकास की अपेक्षा की। अंत मे मुख्य अतिथि अरूण वोरा ने कहा कि जिस प्रकार डा. बाबा साहेब आम्बेडकर रातो को जागकर समाज और देश के लिए काम करते थे उसी प्रकार बाबूजी भी 18-20 घंटे काम कर जनता के हितो की चिंता किया करते थे, उन्होने ना सिर्फ छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश बल्कि भारत के सभी राज्यो के विकास मे अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी। कार्यक्रम का संचालन सिद्धार्थ बोरकर अध्यक्ष बौद्ध समाज कोसानगर ने और आभार प्रदर्शन शारदा मेश्राम अध्यक्ष रमा बाई महिला मंडल कोसानगर ने किया। समारोह मे व्ही एन ऊके, चंद्रशेखर गवई, उमराव मेश्राम, बुधराम मेश्राम, ईश्वर फूले, विरेंद्र वाहने, बुद्धशरण बोरकर, शशिकांत नारनवरे, संगा मेश्राम, किशन यादव, अनिता उके, कामिनी डोंगरे, रवि मेश्राम, सायत्रा, नरेश रामटेके, हीरालाल धुपारे, वाहने, अनिल नागदेवे, रमेश रामटेके सहित अनेक बौद्ध उपासक उपासिकाए उपस्थित थी।

 

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