खास खबरदेश-दुनियाफीचर्ड

मैंने इस्राइल से कहा कि रमजान के महीने में गाजा में बमबारी न करें : पीएम मोदी

पीएम मोदी ने एक साक्षात्कार में कहा ‘मैंने इस्राइल से कहा था कि रमजान के महीने में गाजा में बमबारी न करें।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी तीसरे देश के कहने पर हम अपने निर्णय नहीं करेंगे। हम जो भी निर्णय करेंगे, हमारे देश के लिए करेंगे…

नईदिल्ली (ए)। इस समय दुनिया में कई देशों के बीच जंग छिड़ी हुई है। इस बीच एक साक्षात्कार में पीएम मोदी से सवाल पूछा गया गया कि इस समय इस्राइल और हमास के बीच लड़ाई चल रही है और ईरान के साथ तनाव बढ़ रहा है। पिछले पांच वर्ष में भारत ग्यारहवीं अर्थव्यवस्था से बढ़कर पांचवें स्थान पर आया। अगले पांच साल में वैश्विक मंच पर आप भारत को कहां देखते हैं? इसके जवाब में पीएम मोदी ने कहा ‘मूलभूत बात यह है कि अब तक हम सोचते थे कि हम फलां देश से कितने दूर हैं। कूटनीतिक भाषा में हम हर देश से बराबर की दूरी बनाए रखने की कोशिश करते थे। लेकिन, मेरी सोच है कि हम कितने निकट हैं। इसके बाद दुनिया में प्रतिस्पर्धा शुरू हुई कि हम भारत के निकट कैसे जाएं।

पहले दूर रहने की प्रतिस्पर्धा होती थी लेकिन अब समय बदल गया है। मेरा ईरान को लेकर बहुत बड़ा फैसला हुआ है। हमने चाबहार बंदरगाह को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। मध्य एशिया से जुड़ी अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ा काम हुआ है। सारी लड़ाईयों के बीच भारत ने चाबहार को लेकर समझौता किया है। किसी तीसरे के आधार पर हम अपने निर्णय नहीं करेंगे। हम जो भी निर्णय करेंगे, हमारे देश के लिए करेंगे। किसी फलां देश को बुरा लगे तो लगे…मैं सबसे बात करूंगा।’

‘मैंने इस्राइल से कहा कि रमजान के महीने में गाजा में बमबारी न करें’ दुनिया में कई देशों के बीच चल रही तनातनी के पर प्रधानमंत्री ने कहा ‘राष्ट्रपति पुतिन अगर मेरी तारीफ करते हैं, तो इसका मतलब यह नहीं हुआ कि मैं उनसे जाकर नहीं कहूंगा कि यह आगे बढ़ने का समय है। पुतिन मेरे ऐसे मित्र हैं, जो मेरा सम्मान करते हैं। यूक्रेन को भी भारत पर उतना ही भरोसा है। अभी रमजान का महीना था और मैंने गाजा में भारत का दूत भेजा। इस्राइल के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से मैंने कहा कि कम से कम रमजान के महीने में गाजा में बमबारी न करें और उन्होंने भी मेरी बात को रखा।

यहां (भारत में) तो आप (विपक्षी दल) मुझे मुसलमानों के मुद्दे पर घेर लेते हैं लेकिन मैं गाजा में रमजान के महीने में बमबारी रुकवाने की कोशिश करता हूं और इसका प्रचार नहीं करता। मेरा आज भी फलस्तीन के साथ वैसा ही नाता है, जैसा इस्राइल के साथ। पहले भारत में एक तरह का फैशन था कि इस्राइल जाओ, फलस्तीन जाओ और सेक्युलरिज्म कर के वापस आ जाओ। मैंने कहा ..नहीं। मैं इस्राइल जाऊंगा, वापस आऊंगा..मुझे ढोंग करने की आवश्यकता नहीं है। मैं इस्राइल जाऊं या फलस्तीन..मेरी यात्रा हर देश के लिए अलग होगी।’

आपके इरादें नेक हैं, तो सब कुछ होता है- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने साक्षात्कार में आगे कहा ‘जब मैं फलस्तीन गया, तो मुझे बताया गया कि मुझे हेलीकॉप्टर ले जाएंगे। तो जॉर्डन के राष्ट्रपति को पता चला कि मैं जॉर्डन से होकर फलस्तीन जाने वाला हूं। जॉर्डन के राष्ट्रपति मोहम्मद साहब के सीधे वारिस हैं।

उन्होंने कहा कि मोदी जी..आप ऐसे नहीं जा सकते, आप मेरे मेहमान हैं, आप मेरे घर खाना खाकर जाएंगे। लेकिन हेलीकॉप्टर जॉर्डन का, मेरा गंतव्य फलस्तीन और मुझे इस्राइल के विमान संरक्षण दे रहे थे। तीनों की दुनिया अलग लेकिन मोदी के लिए आसमान में सब साथ। मैं मानता हूं यह सब तक होता है, जब आपके इरादे नेक हों। मैं छुपाता नहीं और अपने हिसाब से मेरे देश को चलाता हूं।’

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button