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सावधान आ रहा है मोका..! साल का पहला चक्रवात इस दिन देगा दस्तक, IMD ने जारी किया अलर्ट

इस साल का पहला चक्रवाती तूफान मोका आने वाला है। ये तूफान दक्षिण-पूर्वी बंगाल पर कल से असर दिखा सकता है। अभी तक इसके रास्ते के बारे में पता नहीं चल सका है। लेकिन माना जा रहा है कि ये तूफान आने वाले दिनों में भारी तबाही मचाएगा…

नईदिल्ली (ए)। भारत में इस साल के पहले तूफान मोका के आने की आहट सुनाई देने लगी है। भारतीय मौसम विभाग ने इसे लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। अभी इस चक्रवाती तूफान के रास्ते के बारे में जानकारी नहीं हैं। इसके बावजूद एक्सपर्ट मान रहे हैं कि यह तूफान तबाही मचा सकता है। यह 2022 में आए चक्रवाती तूफान ‘असानी’ जैसा हो सकता है। इसके आने से 10 मई को कुछ जगहों पर 80 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

IMD के अलर्ट के मुताबिक, दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी पर आज 6 मई को चक्रवात डिवेलप हो सकता है। 7 मई को यहां हवा के कम दबाव का क्षेत्र बनेगा। 8 मई को यह उत्तर दिशा में मध्य बंगाल की खाड़ी की तरफ बढ़ते हुए चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। चक्रवाती तूफान के रास्ते और उसकी तीव्रता के बारे में ज्यादा जानकारी 7 मई को पता चलेगी।

– 7 और 8 मई को अंडमान-निकोबार में ज्यादातर जगह हल्की बारिश होगी।

– कुछ जगहों पर भारी से तेज भारी बारिश होने की संभावना भी है।
– 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
– 10 मई की यह रफ्तार 80 किमी/घंटा पहुंच सकती है।

– 7 मई से मछुआरों, छोटे जहाज, नावों और ट्रेवलर को दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी से दूर रहने की सलाह दी गई है।
– जो लोग यहां है वे 7 मई से पहले सुरक्षित जगहों पर पहुंच जाएं।
– टूरिजम, शिपिंग और अन्य गतिविधियों को 8-11 मई तक रेगुलेट करने की सलाह दी गई है।

चक्रवाती तूफान का संभावित रास्ता पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तटों की ओर हो सकता है। तूफान का असर पूर्वी भारत से लेकर बांग्लादेश और म्यांमार तक पड़ सकता है। तमिलनाडु में इसकी वजह से बारिश बढ़ने की संभावना नहीं है। 10 मई से तमिलनाडु में तापमान बढ़ सकता है। ओडिशा राज्य सरकार ने 18 तटीय और आसपास के जिलों को सतर्क कर दिया है।

मोका का सबसे ज्यादा असर 7 और 11 मई के बीच पश्चिम बंगाल से लेकर उड़ीसा के तटीय इलाकों में देखने के मिलेगा। चक्रवात के खतरे को देखते हुए इन राज्यों में पहले ही चेतावनी जारी कर दी गई है। मौसम विभाग ने तटीय इलाकों में रहने वाले नागरिकों, मछुआरों और नाव चालकों को जल्द से जल्द सुरक्षित जगह पर जाने का आदेश दिया है।

एक अनुमान के मुताबिक चक्रवात के हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है लेकिन 10 मई के दिन कई जगहों पर 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। इसके अलावा 7-8 मई को अंडमान-निकोबार में हल्की बारिश देखने को मिल सकती है।

मौसम वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया है कि चक्रवात का रास्ता बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल के तटों की तरफ हो सकता है लेकिन इसके असर से म्यांमार भी अछूता नहीं रहेगा। ओडिशा की सरकार ने तटीय इलाकों पर लोगों को अलर्ट किया है। संभावना जताई जा रही है कि मोका चक्रवात का ज्यादा असर साउथ के राज्यों पर देखने को नहीं मिलेगा।

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