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सौम्या चौरसिया के विरुद्ध लगभग 50 करोड़ की अवैध संपत्ति आय से 1872% अधिक निवेश के मामले में ईओडब्ल्यू द्वारा 8000 पृष्ठों का चालान पेश

रायपुर। सौम्या चौरसिया के विरुद्ध लगभग 50 करोड़ की अवैध संपत्ति आय से 1872% अधिक निवेश के मामले में ईओडब्ल्यू द्वारा 8,000 पृष्ठों का चालान पेश ब्यूरो के द्वारा अपराध क्रमांक 22/2024 धारा 13 (1) (बी), 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (यथा संशोधित 2018) के तहत् राज्य प्रशासनिक सेवा की अधिकारी सौम्या चौरसिया के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का प्रकरण दर्ज किया गया था।

कोयला, डी.एम.एफ. एवं अन्य प्रकरणों में संलिप्त रही तत्कालीन उप सचिव सौम्या चौरसिया के विरुद्ध भ्रष्ट माध्यमों से अर्जित अवैध आय से संबंधित इस प्रकरण में, ब्यूरो द्वारा आज दिनांक 14.10.2025 को माननीय विशेष न्यायालय (भ्र.नि.अ.) रायपुर में लगभग 8,000 पृष्ठों का अभियोग पत्र (चार्जशीट) प्रस्तुत किया गया है।

अभियोग पत्र के अनुसार, सौम्या चौरसिया द्वारा अपने परिवार एवं अन्य व्यक्तियों के नाम पर लगभग 45 अचल संपत्तियों में बेनामी निवेश किया जाना पाया गया है। ब्यूरो की जांच में यह प्रमाणित हुआ है कि सौम्या चौरसिया ने पद पर रहते हुए लगभग 49,69,48,298/- (उनचास करोड़ उनहत्तर लाख अड़तालीस हजार दो सौ अट्ठानवे रुपये) की अवैध कमाई की है।

विदित हो कि वर्ष 2008 बैच की राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारी सौम्या चौरसिया की प्रथम पदस्थापना डिप्टी कलेक्टर, कार्यालय कलेक्टर जिला बिलासपुर में हुई थी। इसके पूर्व वे वर्ष 2005 में लेखाधिकारी के रूप में कार्यरत थीं। वर्ष 2019 में वे मुख्यमंत्री कार्यालय में उप सचिव के पद पर पदस्थ हुई थीं।

अपने 17 वर्ष के सेवाकाल में सौम्या चौरसिया एवं उनके परिवार की वैध आय लगभग 2,51,89,175/- (दो करोड़ इक्यावन लाख नवासी हजार एक सौ पचहत्तर रुपये) पाई गई, जबकि उनके द्वारा लगभग 50 करोड़ रुपये की अवैध आय को विभिन्न संपत्तियों में निवेश करना पाया गया। इस प्रकार सौम्या चौरसिया द्वारा अपने सम्पूर्ण सेवाकाल में 1872.86 प्रतिशत अधिक अवैध आय अर्जित की गई है।

ब्यूरो के इतिहास में आय से अधिक संपत्ति का यह अब तक का सबसे बड़ा प्रकरण है। जांच से यह भी स्पष्ट हुआ है कि सौम्या चौरसिया द्वारा संपत्तियों में अवैध धन का सर्वाधिक निवेश वर्ष 2019 से 2022 के बीच किया गया। उक्त जानकारी ईओडब्ल्यू द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी गई।

 

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