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हैंडसम लड़के का अपने नाम से प्रोफाइल फोटो लगाकर लड़कियों से दोस्ती कर मिलने के बहाने बुलाकर लूटने वाला पकड़ाया

फेसबुक पर फर्जी आईडी व फोटो लगाकर करता था लड़कियों से दोस्ती, मिलने के बहाने बुलाकर लूट लेता था, मोबाइल व रुपए…पुलिस ने मामले में एक नाबालिक विधि से संघर्षरत बालक को किया गिरफ्तार, भेजा बाल संप्रेषण गृह…थाना कुनकुरी व नारायणपुर क्षेत्रांतर्गत सिलसिलेवार दो घटनाओं को दिया था अंजाम…आरोपी से जप्त मोबाइल फोन से और भी इसप्रकार की घटना के उजागर होने की है संभावना, पुलिस कर रही है जांच…विधि से संघर्षरत बालक के विरुद्ध पीड़िताओं की शिकायत पर थाना कुनकुरी व नारायणपुर में बी एन एस की धारा 309(4) के तहत अपराध पंजीबद्ध…

 

 

जशपुर। थाना कुनकुरी व थाना नारायणपुर क्षेत्रांतर्गत दो अलग अलग नाबालिक पीड़िताओं ने क्रमशः दिनांक 03.07.25 व 04.07.25 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि, उनके पास एक फर्जी आईडी से फेसबुक व इंस्टाग्राम में फ्रेंड रिक्वेस्ट आया था, जिसको कि नाबालिक पीड़िताओं के द्वारा एक्सेप्ट कर लिया गया था, व उक्त संदेही अंजान व्यक्ति से फेसबुक व इंस्टाग्राम के माध्यम से चैटिंग की जाती थी।

इसी दौरान दिनांक 26.06.25 को आरोपी संदेही व्यक्ति के द्वारा थाना कुनकुरी क्षेत्रांतर्गत एक नाबालिक पीड़िता को सोशल मीडिया के माध्यम से झांसे में लेते हुए, शाम करीबन 7.30 बजे एक स्थान पर मिलने के लिए बुलाया व इसी दौरान अपचारी बालक नकाब लगाकर मोटर साइकल से आया व नाबालिक पीड़िता को मिलने के लिए नियत स्थान पर ले गया।

जैसे ही अपचारी बालक ने नकाब हटाया, लड़की घबरा गई कि उक्त व्यक्ति, फेस बुक के प्रोफाइल पिक से अलग है और पीड़िता घबराकर भागने लगी, तभी आरोपी अपचारी बालक ने उसे पकड़ लिया व धमकाते हुए, उससे उसके मोबाइल फोन को लूट कर भाग गया था। उक्त मोबाइल फोन की कीमत 11000 रु थी।

इसी प्रकार थाना दुलदुला क्षेत्रांतर्गत एक पीड़िता ने भी थाना नारायणपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दिनांक 30.06.25 को उसका एक अंजान फेस बुक फ्रेंड, जिससे वह कभी मिली नहीं थी, उसके प्रोफाइल पिक के माध्यम से ही उसे जानती थी। मुंह में गमछा लगाकर आया व उससे बातचीत कर पीड़िता को अपने मोटर साइकल में बैठा कर दुलदुला से नारायणपुर की ओर एक पर्यटक स्थल घुमाने के नाम पर मोटर साइकल में बैठा कर ले गया, इस दौरान वह अपने चेहरे पर गमछा को बांधे रखा था।

नारायणपुर पहुंच कर जब आरोपी ने अपने चेहरे में बंधे गमछा को निकाला, तब पीड़ित प्रार्थिया ने देखा कि वह, वो व्यक्ति नहीं है, जिसकी फोटो फेसबुक के प्रोफाइल पिक्चर में लगी है, जिससे पीड़िता भयभीत हो गई, और भागने लगी, मगर आरोपी ने उसे धमकाते हुए, उससे मोबाइल फोन लूटकर ले लिया व उसके पास रखे 2000 रु को भी लूट लिया।

आरोपी अपचारी बालक, पीड़िता को वही छोड़कर वापस नारायणपुर आया तथा पीड़िता के मोबाइल फोन से फॉरगेट पासवर्ड कर, नया पासवर्ड जनरेट कर पीड़िता के मोबाइल फोन से 25000रु ट्रांजेक्शन कर उक्त रकम को ले लिया व अपने एक दोस्त के खाते में भी पीड़िता के मोबाइल फोन से 5000 रु को ट्रांसफर कर दिया।

चूंकि दोनों लूट की घटनाएं लगातार हुईं थीं व दोनों लूट का पैटर्न भी एक था, जिसमें आरोपी के द्वारा फेसबुक के माध्यम से नाबालिक लड़कियों से दोस्ती कर, उन्हें मिलने के बहाने बुलाकर, उनसे मोबाइल व रकम की लूट की गई थी, अतः मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने आरोपी की गिरफ्तारी हेतु एक विशेष पुलिस की टीम बनाई, जिसमें की पुलिस की टेक्निकल टीम भी शामिल थी, पुलिस की टीम के द्वारा घटना में प्रयुक्त फेसबुक आईडी की जांच की गई तो वह फर्जी निकली, तथा फेसबुक में लगी फोटो भी फर्जी थी।

पुलिस की टेक्निकल टीम के द्वारा उक्त फर्जी फेसबुक आईडी को ट्रेस करते हुए, उसके द्वारा ट्रांजेक्शन में इस्तेमाल किए गए यू .पी. आई. ट्रांजेक्शन आईडी ,से संबंधित बैंक से संपर्क कर पता साजी की गई तो पता चला उक्त ट्रांजेक्शन थाना कुनकुरी क्षेत्रांतर्गत ही एक 17 वर्षीय नाबालिक विधि से संघर्षरत बालक के द्वारा ऑपरेट किया जाता था।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर के नेतृत्व में तत्काल पुलिस की टीम के द्वारा कार्यवाही करते हुए, उक्त 17 वर्षीय विधि से संघर्षरत बालक को हिरासत में लिया गया। तथा उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन व मोटर साइकल को जप्त करते हुए, लूटे गए दोनों मोबाइल फोन को भी बरामद कर लिया गया है।

यहां यह बताना आवश्यक है कि आरोपी विधि से संघर्षरत बालक के द्वारा पीड़िताओं के मोबाइल से फेस बुक के माध्यम से उसके सहेलियों से भी सम्पर्क किया गया था, व चैट के माध्यम से बीमारी का बहाना बनाकर उनके सहेलियों से भी रुपए ले लिए गए थे।

पुलिस की पूछताछ पर आरोपी विधि से संघर्षरत बालक के द्वारा अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त अपराध सबूत पाए जाने से गिरफ्तार कर विधिवत बाल संप्रेषण गृह जशपुर भेजा गया है।

पुलिस को संदेह है कि, आरोपी विधि से संघर्षरत बालक के द्वारा और भी इस प्रकार की घटना को अंजाम दिया गया है, जिसके सम्बन्ध में पुलिस, आरोपी विधि से संघर्षरत बालक से जप्त मोबाइल की डाटा व आरोपी द्वारा संचालित फेस बुक आईडी की जांच कर रही है। भविष्य में इस प्रकार की और भी मामले उजागर होने की संभावना है।

मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि पुलिस ने बहुत ही प्रोफेशनल तरीके से फर्जी फेसबुक आईडी के द्वारा नाबालिक लड़कियों से दोस्ती कर, मिलने के बहाने बुलाकर लूट करने वाले एक विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार कर, बाल संप्रेषण गृह भेजा है। साथ ही युवाओं से अपील है कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल बहुत ही सोच समझ कर करें, अंजान लोगों को सोशल मीडिया पर फ्रैंड बनाते समय सतर्क रहें।

पीड़िता का वीडियो…

 

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