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‘एक राष्ट्र एक चुनाव’ को लेकर कमेटी अध्यक्ष व पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दी बड़ी खबर, इस तारीख को होगी पहली बैठक

‘एक राष्ट्र एक चुनाव’ को लेकर ये अटकलें लगाई जा रही हैं कि मोदी सरकार 18 सितंबर से बुलाए गए विशेष सत्र में इससे जुड़े बिल का प्रस्ताव ला सकती है. इसे लेकर केंद्र सरकार ने एक कमेटी भी बनाई है…

नईदिल्ली (ए)। ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. कमेटी के चेयरमैन और पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कहना है कि कमेटी की पहली बैठक 23 सितंबर 2023 को होगी. न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत के दौरान उन्होंने इसकी पुष्टि की। हाल ही में ‘एक देश एक चुनाव’ कराने को लेकर काफी चर्चा की जा रही है. इसके लिए केंद्र सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है, जो एक साथ चुनाव कराने के लिए रूपरेखा तय करेगी. कमेटी में अध्यक्ष के अलावा 7 अन्य सदस्यों में अमित शाह, अधीर रंजन चौधरी, गुलाम नबी आज़ाद, एनके सिंह, सुभाष कश्यप, हरीश साल्वे और संजय कोठारी शामिल होंगे।

विशेष सत्र में बिल लाने की अटकलें ‘एक राष्ट्र एक चुनाव’ को लेकर ये अटकले लगाई जा रही हैं कि मोदी सरकार 18 सितंबर से बुलाए गए विशेष सत्र में इससे जुड़े बिल का प्रस्ताव ला सकती है. इस बीच चुनाव को लेकर एक स्टडी की रिपोर्ट जारी हुई है, जिसके मुताबिक, देश के तीनों टायर, लोकसभा से लेकर पंचायत स्तर का चुनाव कराने पर कुल 10 लाख करोड़ खर्च आने का अनुमान है. वहीं सभी चुनाव एक साथ या एक सप्ताह के अंदर कराने पर इसके खर्च में 3 से 5 लाख करोड़ की गिरावट हो सकती है।

2024 लोकसभा चुनाव पर इतना खर्च होने का अनुमान सार्वजनिक नीतियों के शोध-आधारित विश्लेषक एन भास्कर राव के अनुसार, केवल 2024 के लोकसभा चुनाव पर 1.20 लाख करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान हैं. राव की स्टडी में कहा गया है कि 2024 चुनाव में खर्च होने वाले कुल रुपये में चुनाव आयोग की ओर से 20 प्रतिशत खर्च बैठ सकता है. वहीं अगर सभी विधानसभा चुनाव एक साथ करवाए जाए तो इस पर 3 लाख करोड़ रुपये खर्च हो सकते हैं. बता दें देश में कुल 4500 विधानसभा सीटें है।

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