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नए टैक्स रिजिम में 7.27 लाख रुपये सालाना आय वालों को नहीं देना होगा इनकम टैक्स: वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन

वित्त मंत्री ने कहा कि 1 लाख टैक्स नोटिस उन मामलों में जारी किया गया जहां लोगों ने इनकम छिपाया है और उनकी आय 50 लाख रुपये से ज्यादा पाई गई है…

नईदिल्ली (ए)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा है कि केंद्र सरकार ने इनकम टैक्स रेट्स में कोई बढ़ोतरी नहीं की है उसके बावजूद पिछले 3 से 4 वर्षों में टैक्स रेवेन्यू में इजाफा देखा गया है. वित्त मंत्री ने कहा कि टैक्स की चोरी पर लगाम लगाया जा सका है. उन्होंने कहा कि टैक्स कलेक्शन के सिस्टम में दक्षता लाने के चलते टैक्स कलेक्शन बढ़ा है।

इनकम टैक्स दिवस पर टैक्स अधिकारियों को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने ये बातें कही. वित्त मंत्री ने कहा कि नए इनकम टैक्स रिजिम में जिनकी आय सालाना 7.27 लाख रुपये है उन्हें नए टैक्स रिजिम के तहत इनकम टैक्स देने की जरुरत नहीं है. वित्त मंत्री ने कहा कि नए इनकम टैक्स रिजिम में पहली बार 50,000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन को शामिल किया गया है।

वित्त मंत्री ने कहा कि इनकम टैक्स विभाग को पारदर्शी होने के साथ ही उन्हें टैक्सपेयर फ्रेंडली होना बेहद जरुरी है. उन्होंने कहा कि प्री-फिल्ड आईटीआर फॉर्म में के चलते टैक्सपेयर्स को बहुत राहत मिली है. कई टैक्सपेयर्स को बाद में पता लगा कि उन्होंने 10 वर्ष पूर्व कोई एफडी करा रखा था जिसे वो भूल गए थे. लेकिन प्री-फिलिंग के चलते उन्हें इसकी जानकारी मिली है।

वित्त मंत्री ने कहा कि जागरुकता के साथ दबाव के जरिए टैक्सबेस को बढ़ाने की बात की जा रही है. उन्होंने कहा कि इनकम टैक्स विभाग टैक्सपेयर्स-फ्रेंडली रिजिम की तरफ आगे बढ़ रहा है. वित्त मंत्री ने कहा कि जहां पर लोगों ने आय छिपाया है उन्हें ही नोटिस जारी किया जा रहा है. या फिर उन्हें नोटिस जारी किया गया है जिन्होंने आयकर रिटर्न नहीं फाइल किया है. वित्त मंत्री ने कहा कि एक लाख नोटिस ऐसे मामलों में जारी किया गया है जहां इनकम 50 लाख रुपये से ज्यादा पाया गया है. उन्होंने कहा कि इन मामलों को मार्च 2024 तक निपटा लिया जाएगा. वित्त मंत्री ने कहा सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर केबाद 55,000 वन टाइम टैक्स मामलों को खोला गया है।

रेवेन्यू सेक्रेटरी संजय मल्होत्रा ने कहा कि बीते छह वर्षों में कोविड के वर्ष को छोड़ दें तो टैक्स कलेक्शन शानदार रहा है.  एक दिन में 72 लाख इनकम रिटर्न दाखिल किया गया है. उन्होंने कहा कि आयकर रिटर्न की प्रोसेसिंग का औसत समय घटकर 16 दिन रह गया है. उन्होंने कहा कि टैक्सपेयर्स की सर्विसेज को और ज्यादा ऑटोमेशन किये जाने की जरुरत है।

सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स सीबीडीटी के चेयरमैन नितिन गुप्ता ने कहा कि एसेसमेंट ईयर 2023-24 के लिए अब तक 4 करोड़ आयकर रिटर्न दाखिल किया जा चुका है जो इस अवधि तक बीते साल के मुकाबले 6.5 फीसदी ज्यादा है. उन्होंने कहा कि इस वर्ष 80 लाख से ज्यादा रिफंड की प्रोसेसिंग की जा चुकी है. उन्होंने कहा कि इनकम टैक्स कलेक्शन के मोर्चे पर बीते वर्ष के मुकाबले 16 फीसदी की ग्रोथ नजर आ रही है।

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