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छत्तीसगढ़ की NIA कोर्ट का बड़ा फैसला, झीरम घाटी हमले के सभी 10 दोषियों को मौत की सज़ा सुनाई

रायपुर। छत्तीसगढ़ की NIA कोर्ट ने 2013 के झीरम घाटी माओवादी हमले के मामले में सभी 10 दोषियों को मौत की सज़ा सुनाई है, इस हमले में 29 लोग मारे गए थे। झीरम घाटी नरसंहार मामले में दोषी करार दिए गए 10 माओवादियों को एनआईए की विशेष अदालत ने मृत्युदंड की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत ने बुधवार शाम करीब पांच बजे सजा सुनाई।

सभी दोषी वर्तमान में जगदलपुर केंद्रीय कारागार में बंद हैं। सजा सुनाए जाने के दौरान अभियुक्तों के स्वजन भी अदालत कक्ष के बाहर मौजूद रहे। बीजापुर और दंतेवाड़ा से भी कुछ स्वजन जगदलपुर पहुंचे थे।

विशेष अदालत ने पांच सितंबर को अपने फैसले में प्रमिला मोडियाम, सुमित्रा पुनेम, मुक्का मांडवी, मड़कामी देवा, कोसा कवासी, आयत मरकाम, बंजामी सेना, चैतू लेकाम, जोगा मड़कामी और महादेव नागा को दोषी ठहराया था। इन्हें सात धाराओं में दोषी पाया गया था।

25 मई 2013 को कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर दरभा क्षेत्र की झीरम घाटी में माओवादियों ने घात लगाकर हमला किया था। हमले में पूर्व नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा, तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंद कुमार पटेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, पूर्व विधायक उदय मुदलियार और योगेंद्र शर्मा सहित 32 लोगों की मौत हुई थी।

किन धाराओं में सुनाया फैसला
कोर्ट ने सभी आरोपियों को IPC की धाराओं 147, 148, 149, 121, 121(A), 122, 341, 302, 307, 396, 397, 427 और 120(B); आर्म्स एक्ट की धाराओं 25 और 27; विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धाराओं 3, 4 और 5; और UA (P) एक्ट की धाराओं 16, 18, 20, 38, 39 और 40 के तहत दोषी पाया।

ट्रायल कोर्ट ने दोषी ठहराया था
इससे पहले, 5 सितंबर 2026 को ट्रायल कोर्ट ने 10 अभियुक्तों को दोषी ठहराया था और उन्हें UA (P) एक्ट, IPC, आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी माना था, लेकिन सज़ा की मात्रा तय करने का फ़ैसला सुरक्षित रख लिया था। यह मामला 25 मई 2013 को छत्तीसगढ़ के बस्तर ज़िले के दरभा में झीरम घाटी में NH-221 पर INC पार्टी की “परिवर्तन यात्रा” के काफ़िले पर प्रतिबंधित संगठन CPI (माओवादी) के हथियारबंद कैडरों द्वारा किए गए सुनियोजित हमले से जुड़ा है।

क्या था झीरम घाटी केस
यह मामला IED विस्फोट, अंधाधुंध गोलीबारी और ग्रेनेड विस्फोट से जुड़ा है, जिसमें 24 निर्दोष नागरिकों और पुलिसकर्मियों की मौके पर ही मौत हो गई थी और 35 से ज़्यादा नागरिक और पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए थे; घायलों में से 3 की बाद में मौत हो गई। CPI (माओवादी) के कैडरों ने मृतकों और पीड़ितों से हथियार और गोला-बारूद, वॉकी-टॉकी सेट, मोबाइल फ़ोन और अन्य सामान भी लूट लिया था।

एनआईए की जांच में हुआ था खुलासा

NIA ने कुल 39 अभियुक्तों के ख़िलाफ़ क्रमशः 25 सितंबर 2014 और 28 सितंबर 2015 को चार्जशीट (9 अभियुक्त) और सप्लीमेंट्री चार्जशीट (30 अभियुक्त) दाखिल की थी। चार्जशीट में नामजद 10 आरोपियों के खिलाफ शुरुआती ट्रायल, अभियोजन पक्ष के 101 गवाहों के बयान दर्ज होने के साथ पूरा हुआ। गिरफ्तार और चार्जशीटेड आरोपियों में से एक की न्यायिक हिरासत में मौत हो गई।

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