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नंद कुमार ध्रुव ने देहदान और पुस्तक दान कर समाज के लिए बने प्रेरणा स्रोत

रायपुर। वास्तविक में जीते जी तो हम कुछ नहीं कर सकते इस मरणोपरांत अपना देह किसी के काम आ सके इस आशा के साथ शिक्षा विभाग के संकुल समन्वयक नंदकुमार ध्रुव ने “प्रोजेक्ट दधीचि” के अंतर्गत संपूर्ण देहदान का संकल्प लेकर समाज के लिए एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप जिले में प्रोजेक्ट दधीचि का संचालन किया जा रहा है। इसके तहत आमजन आगे आकर अपनी भागीदारी दे रहे है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने श्री ध्रुव को इस मानवीय निर्णय के लिए शॉल तथा प्रशस्ति पत्र देकर उन्हें सम्मानित किया।

श्री ध्रुव ने कहा कि “मैंने महापुरुषों की किताब पढ़कर जाना की वास्तविक में जीते जी अगर हम कुछ नहीं कर सके तो कम से कम मरणोपरांत अपना देहदान कर किसी के नई जीवन के दरवाजे खोल सके, किसी के काम आ सके इस मंशा से मैंने आज अपने संपूर्ण देहदान का संकल्प लिया है।”

कलेक्टर डॉ सिंह के मार्गदर्शन में संचालित प्रोजेक्ट दधीचि अब तक 35 लोग अंगदान एवं देहदान के माध्यम से जीवनदान का प्रतीक बन चुके हैं। इसका उद्देश्य समाज में अंगदान और देहदान को लेकर जागरूकता फैलाना और भ्रांतियों को दूर करना है। कलेक्टर डॉ. सिंह ने आमजनों से अपील की कि वे भी इस पुनीत कार्य में भागीदारी निभाएं और जरूरतमंदों के लिए जीवन की नई उम्मीद बनें।

दान की पुस्तकें, जरूरतमंदों को भविष्य गढ़ने में मिलेगी मदद:  नंदकुमार ध्रुव ने जिला प्रशासन को प्रतियोगी परीक्षाओं सहित अन्य प्रेरक पुस्तकें दान की। कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने यह पुस्तकें ग्रहण किया तथा सम्मान पत्र प्रदान कर उनके योगदान की सराहना की।

जिले में 15 जुलाई से प्रारंभ इस योजना के तहत दानदाताओं द्वारा 2 हजार से अधिक पुस्तकें दान में दी जा चुकी है। ये पुस्तकें जरूरतमंदों के भविष्य निर्माण में लाभकारी साबित होगी।

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